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Chamki Fever : क्या सच में खाली पेट लीची खाने से फैली ये बीमारी, जानें पूरा सच

बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से हो रही मौत पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लाख कोशिशों के बाद भी बच्चों की जान बचाई नहीं जा पा रही है। मरने वाले बच्चों का आंकड़ा 60 के पार पहुंच गया है। चमकी बुखार के संक्रमण के पीछे अब लीची को बतौर कारण जोड़ा जा रहा है। क्या सच में लीची और इस बीमारी के सिड्रोम का आपसी संबंध है। आइए जानते हैं...

Chamki Fever : क्या सच में खाली पेट लीची खाने से फैली ये बीमारी, जानें पूरा सच

बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (Chamki Fever) से हो रही मौत पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लाख कोशिशों के बाद भी बच्चों की जान बचाई नहीं जा पा रही है। मरने वाले बच्चों का आंकड़ा 60 के पार पहुंच गया है। चमकी बुखार के संक्रमण के पीछे अब लीची को बतौर कारण जोड़ा जा रहा है। क्या सच में लीची और इस बीमारी के सिड्रोम का आपसी संबंध है। आइए जानते हैं...

अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार के फैलने के पीछे लीची को दोषी ठहराया जा रहा है। कहा जा रहा है कि बच्चे रात को बिना खाए ही जल्दी सो जाते हैं। सुबह उठने पर जब उन्हें खाना नहीं मिलता तो मुजफ्फरपुर की प्रमुख फसल लीची खाते हैं। जो बच्चों के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।

द लैंसेट नाम की एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार लीची में hypoglycin A और methylenecyclopropylglycine (MPCG) नामक पदार्थ पाया जाता है। जो शरीर में फैटी ऐसिड मेटाबॉलिज्म बनने में रुकावट पैदा करता है। जिसके कारण ब्लड शुगर लो हो जाता है और मस्तिष्क संबंधी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

दिमाग में शुरू हुई दिक्कत के कारण दौरे पड़ने शुरू हो जाते हैं। रिपोर्ट की माने तो रात का खानान न खाने की वजह से शरीर में पहले से ब्लड शुगर का लेवल कम हो और सुबह खाली पेट लीची खा ली जाए तो अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों में ये खतरा कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी लीची को चमकी बुखार का एक कारण मानते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में मुजफ्फरपुर के आसपास इलाके में गरीब परिवार के बच्चे जो पहले कुपोषण का शिकार होते हैं वे रात का खाना नहीं खाते और सुबह नाश्ता न मिलने पर भारी मात्रा में लीची खा लेते हैं। जिससे शरीर में चीनी की मात्रा बढ़ जाती है और बीमारी का खतरा दोगुना हो जाता है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मुजफ्फरपुर के लोगों से अपील की है कि अपने बच्चों को खाली पेट बिल्कुल न सोने दे साथ ही सुबह खाली पेट लीची न खिलाने की सलाह दी है। साथ ही अधिकारियों ने बच्चों में निम्न लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टरों को दिखाने की सलाह दी है।

1- बच्चे के शरीर में ऐंठन महसूस हो और बुखार आ जाए।

2- बच्चे को घबराहट महसूस होने लगे, वह सोते हुए चौक जाए।

3- बार-बार बेहोश होने लगे, दौरे पड़ने लगे।

4- बच्चा गुमसुम रहने लगे, यादास्त कमजोर होने लगे।

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