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कांग्रेस में फेरबदल: जोशी व अंबिका सोनी की छुट्टी, शक्ति सिंह गोहिल को मिला बिहार का प्रभार

बिहार में जिस तरह से सियासी समीकरण बन रहे हैं, उसे देखते हुए बिहार काफी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस वहां आरजेडी के साथ संभावनाएं तलाशेगी।

कांग्रेस में फेरबदल: जोशी व अंबिका सोनी की छुट्टी, शक्ति सिंह गोहिल को मिला बिहार का प्रभार
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कांग्रेस संगठन में बदलाव का दौर जारी है। राहुल गांधी लगातार अपनी टीम में बदलाव कर रहे हैं। फिलहाल राहुल का जोर प्रदेश के प्रभारियों के बदलाव पर है। सोमवार को बिहार में बड़ा बदलाव हुआ।

प्रदेश के प्रभारी महासचिव सीपी जोशी की जगह गुजरात के सीनियर नेता शक्ति सिंह गोहिल को बिहार का प्रभार दिया गया। कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने बयान जारी कर यह जानकारी दी।

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दूसरी ओर उत्तरांखड के प्रभारी को भी बदला गया है। वहां अंबिका सोनी की जगह यह जिम्मेदारी यूपी के विधायक व लंबे समय तक छात्र राजनीति करने वाले नेता अनुग्रह नारायण सिंह को दी गई। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से राजनीति में कदम रखने वाले सिंह इलाहाबाद से ही विधायक भी रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बिहार कांग्रेस में जबरदस्त असंतोष और खींचातानी चल रही है। इसके लिए प्रभारी सीपी जोशी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। वहां पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी ने तो बाकायदा बिहार कांग्रेस की मौजूदा हालात के लिए जोशी को जिम्मेदार ठहराया था।

उन्होंने जोशी की कार्यशैली को लेकर आलाकमान से शिकायत की थी। यह बात और है कि तब उस पर कोई ऐक्शन नहीं हुआ। हालांकि बाद में चौधरी खुद कांग्रेस छोड़कर चले गए।

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आगामी लोकसभा चुनाव को देखकर यह बदलाव अहम माना जा रहा है। दरअसल, बिहार में जिस तरह से सियासी समीकरण बन रहे हैं, उसे देखते हुए बिहार काफी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस वहां आरजेडी के साथ संभावनाएं तलाशेगी। ऐसे में आलाकमान की सबसे बड़ी प्राथमिकता वहां अपने घर को सुधारना और असंतोष दूर करना है।

उल्लेखनीय है कि गोहिल न सिर्फ फिलहाल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, बल्कि गुजरात कांग्रेस का प्रमुख चेहरा हैं। गुजरात के एक राज परिवार से आने वाले गोहिल सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे पटेल के नजदीकी माने जाते हैं।

इतना ही नहीं, गोहिल राहुल के भरोसेमंद भी समझे जाते हैं। हालांकि हालिया गुजरात चुनाव में गोहिल हार गए थे, लेकिन राहुल ने अब उनका इस्तेमाल संगठन में करने की योजना बनाई है।

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