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बिहार: किसानों की आय बढ़ाने के लिए सीएम नीतीश ने ''इंद्रधनुषी क्रांति'' पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कृषक अनुदानों के अग्रिम भुगतान के लिए सॉफ्टवेयर की पेशकश करते हुए कहा कि यह देश में इस तरह का पहला प्रयास है।

बिहार: किसानों की आय बढ़ाने के लिए सीएम नीतीश ने इंद्रधनुषी क्रांति पर दिया जोर
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि उनकी सरकार राज्य के किसानों की आय बढ़ाने में मदद करने तथा हरेक देशवासी के खाने की थाली में राज्य के उत्पादों से तैयार कम-से-कम एक व्यंजन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कृषक अनुदानों के अग्रिम भुगतान के लिए सॉफ्टवेयर की पेशकश करते हुए कहा कि यह देश में इस तरह का पहला प्रयास है।

उन्होंने कि जब वह कृषि मंत्री थे तब से ही 'इंद्रधनुषी क्रांति' उनका सपना है जिसमें हरित क्रांति और श्वेत क्रांति से अधिक संभावनाएं हैं।

अग्रिम भुगतान की योजना के तहत पटना, समस्तीपुर, नालंदा और वैशाली जिलों के 20 हजार से अधिक किसानों को जैविक खेती के लिए छह-छह हजार रुपये हस्तांतरित किये गये।

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इस मौके पर कृषि से संबंधित 70 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत भी की गयी। कार्यक्रम में नीतीश ने कहा, 2005 में मेरे सत्ता में आने के बाद से कृषि क्षेत्र में राज्य ने काफी प्रगति की है।

जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, एक कृषि विशेषज्ञ ने एक बैठक में बिहार की कम उत्पादकता के बारे में टिप्पणी की थी। मैंने वादा किया था कि चीजें तेजी से सुधरेंगी।

उन्होंने कहा कि बीजों को बदलने और कृषि का यंत्रीकरण एवं खाद के इस्तेमाल पर जोर देकर बिहार ने धान एवं गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन स्तर हासिल किया है। अब आगे बेहतर सिंचाई के जरिये सुधार किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा, 2018-23 के लिए अपनी तीसरी कृषि रूपरेखा में हम जैविक खेती तथा जमीनों के स्वामित्व के नये सर्वेक्षण पर जोर दे रहे हैं। हम भरोसे के साथ किसानों की बेहतर आय का लक्ष्य हासिल करेंगे और भविष्य देखेगा कि हर देशवासी के खाने की थाली में बिहार का एक व्यंजन होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के नौ जिले जैविक खेती शुरू कर चुके हैं और प्रायोगिक परियोजना के तौर पर चार जिले को अग्रिम भुगतान की सुविधा दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बिहार सब्जी उत्पादन में देश में तीसरा स्थान रखता है।

उन्होंने कहा कि कृषि में वृद्धि महज खाद्यान्न या दूध तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि मैं कृषि मंत्री के अपने कार्यकाल में मैं इंद्रधनुषी क्रांति की बात करता था जिसमें हरित और श्वेत क्रांति के बजाय सर्वांगीण कृषि वृद्धि पर जोर था। हम बिहार में इसी दर्शन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

इनपुट- भाषा

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