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Chamki Fever : कब थमेगा बिहार में चमकी का कहर, अब तक 142 मासूमों ने तोड़ा दम

चमकी बुखार का कहर बिहार में थमने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल में मांओं की चीख-पुकार व करूण क्रंदन लगातार गूंज रही हैं। इस महामारी से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 142 तक पहुंच गई है। केवल मुजफ्फरपुर में मरने वाले बच्चों की संख्या 122 हो गई है।

Total death Of Children 142 due to Acute Encephalitis SyndromeTotal death Of Children 142 due to Acute Encephalitis Syndrome

चमकी बुखार का कहर बिहार में थमने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल में मांओं की चीख-पुकार व करूण क्रंदन लगातार गूंज रही हैं। इस महामारी से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 142 तक पहुंच गई है। केवल मुजफ्फरपुर में मरने वाले बच्चों की संख्या 122 हो गई है। करीब एक महीने से यह बीमारी बिहार के कुछ जिलों में कहर बरपा दिया है। सरकार इस पर लगातार नाकाम साबित होती रही है। इसी के चलते सीएम नीतीश व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की लगातार आलोचना हो रही है।

कल यानी गुरूवार को सीएम नीतीश ने कई अस्पतालों का दौरा किया, लेकिन वे केवल लू से पीड़ित मरिजों से ही मिले। बता दें कि बिहार में चमकी बुखार का कहर लगातार जारी है। अस्पतालों में मरिजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद इस महामारी पर काबू नहीं पाया जा रहा है।

बता दें कि सबसे ज्यादा इस बीमारी का कहर मुजफ्फरपुर में है। यहां पर श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज (एसकेएमसीएच) में सुविधाएं एकदम खस्ताहाल है। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के मरने के बाद सरकार की आंखें खुली हैं। अब जाकर अस्पताल में कूलर व एसी की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार ने भी 8 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस बिहार के लिए दी है। घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

गौरतलब है कि बुखार की मार से बिहार में हाहाकार मचा हुआ है तो इसका असर राजनीति में जरूर होगा। सीएम नीतीश व केंद्र सरकार को विपक्षी पार्टियों ने निशाने पर लिया है। राजद, कांग्रेस व देश के सभी विपक्षी दल सरकार को आड़े हाथों लिया है। नेताओं की बयानबाजी भी तेज हो गई है। एकदूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सत्ता पक्ष द्वारा भी गैर जरूरी बयान दिया जा रहा है।

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