Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

नीतीश कुमार ने BJP नेताओं को लताड़ा, कहा-भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिक विचारधारा को नहीं करेंगे बर्दाश्त

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ मौर्चा खोला हो। नीतिश कुमार ने बयान जारी कर अपने सहयोगी दल बीजेपी और उसके नेताओं के द्वारा गलत बयानबजी को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। नीतिश कुमार ने कहा कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया तो साम्प्रदायिकता से कैसे समझौता कर सकते है।

नीतीश कुमार ने BJP नेताओं को लताड़ा, कहा-भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिक विचारधारा को नहीं करेंगे बर्दाश्त

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बयान जारी कर अपने सहयोगी दल बीजेपी और उसके नेताओं के द्वारा गलत बयानबजी को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। नीतीश कुमार ने कहा कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया तो साम्प्रदायिकता से कैसे समझौता कर सकते है।

नीतीश कुमार ने बड़े ही सख्त लहजे में कहा कि वो वोटो की राजनीति के लिए साम्प्रदायिक ताकतो को राज्य में मनमानी नहीं करने देंगे। बिहार में जब से नीतीश कुमार ने बीजेपी के गठजोड़ से सरकार बनाई है ये पहला मौका है जब खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ मौर्चा खोला हो।

ये भी पढ़ेःउत्तर प्रदेश: कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, प्रदेश अध्यक्ष पद से राज बब्बर ने दिया इस्तीफा

बिहार में सत्ताधारी जेडीयू और बीजेपी के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। नीतीश कुमार ने जहानाबाद सीट से हार के लिए बीजेपी के नेताओ द्वारा गलत और सांम्प्रदायिक बयान बाजी को हार का कारण बताया। नीतीश ने कहा कि वो और उनकी पार्टी बिहार उप चुनाव में जहानाबाद सीट से चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे।

नीतीश ने कहा कि बीजेपी के दबाव में आकर हमने अपना प्रत्याक्षी उस सीट से उतारा था। दरअसल नीतीश कुमार ने जहानाबाद सीट से हार के लिए बीजेपी के नेताओ द्वारा गलत और सांम्प्रदायिक बयान बाजी को हार का कारण बताया। नीतीश कुमार ने कहा बिना किसी का नाम लिए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनक पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया तो साम्प्रदायिकता से कैसे समझौता कर सकते है।

नीतीश कुमार ने बड़े ही सख्त लहजे में कहा कि वो वोटो की राजनीति के लिए साम्प्रदायिक ताकतो को राज्य में मनमानी नहीं करने देंगे। फिर जाहे इसके लिए उन्हें कितनी भी बड़ी कीमत क्यों ना चुकानी पड़े। नीतीश ने कहा कि हम वोटो की चिंता नहीं करते। बता दे कि बीजेपी से गठबंधन करने से पहले नीतीश और लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी बिहार की सत्ता पर काबिज थी।

ये भी पढ़ेःभारतीय डाक ने स्टीफन हॉकिंग पर विशेष कवर जारी किया

बता दे कि भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर आरजेडी से विचारिक मतभेद होने के बाद नीतीश ने आरजेडी का हाथ छटकर एक बार फिर बीजेपी के गठजोड़ से राज्य में सत्ता हासिल की थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कहा कि हमारी जवाबदेही केवल बिहार की जनता के प्रति है ओर हम ऐसी किसी भी विचारधारा का सर्मथन नहीं कर सकते जो हमें किसी विशेष धर्म-जाति के बंधन में बांधने की कोशिश करे।

दरअसल नीतीश कुमार कुछ दिन पहले ही बिहार के दरभंगा में हुई एक हत्या का हवाला देते हुए बोल रहे थे कि कुछ लोग साजिशन दलभंगा में हुई हत्या को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे है। जबकि यह घटना पूरी तरह से आपसी रंजीश के चलते हुई जिसका मुख्य कारण सालो से दोनो पक्षो के बीच चल रहा जमीन विवाद था। यहां पर नीतीश कुमार ने बिहार के डीजीपी के हवाले से कहा कि जब हमने उनसे मामले की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है।

नीतीश ने कहा कि यहीं नहीं जब बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तक ने इस बारे में लोगो सोशल मीडिया के माध्यम से घटना के जानकारी दे दी तो बावजूद इसके कुछ लोग इसे मोदी जी के नाम पर चौक का नाम रखने की वजह से हुई हत्या बता रहे है जो कि सरारसर गलत है। बता दें कि पिछले दिनों दरभंगा के बाबू भदवा में असामाजिक तत्वों ने एक शख्स की गला काटकर हत्या कर दी थी।

ये भी पढ़ेःलिंगायत मुद्दा: वीरशैव महासभा ने कर्नाटक सरकार के फैसले का किया विरोध

इसके खिलाफ बीजेपी समर्थित लोगों ने शनिवार यानि 17 मार्च को केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में नारेबाजी की थी। शनिवार को गिरिराज सिंह के अलावा बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय भी दरभंगा पहुंचे थे। ये नेता राज्य सरकार के दावों से उलट मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिशों में जुटे थे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तो एक वीडियो में नारेबाजी कर रही भीड़ को यह कहते हुए दिखाई दे रहे थे कि डीएसपी मुर्दाबाद बोलो।

बिहार उप चुनावों में हार पर भी नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी के दबाव की वजह से ही उन्होंने जहानाबाद विधान सभा सीट पर प्रत्याशी उतारा था। उन्होंने कहा कि सामान्यत: मौत से खाली हुई सीटों पर वो अपने उम्मीदवार खड़ा करने के पक्ष में नहीं थे लेकिन बीजेपी बहुत ज्यादा उत्साहित थी और दबाव देकर हमसे उम्मीदवार खड़ा करवाया। उन्होंने कहा कि उस समय हमने सोचा कि अगर बीजेपी के दबाव के बावजूद उम्मीदवार खड़ा नहीं करते हैं तो कल अगर कुछ परिणाम आया तो उसका दोष हमारे ऊपर ही मढ़ा जाएगा। इसलिए हार जानते हुए भी हमने उम्मीदवार उतारा।

Next Story
Top