Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

दुनिया की पहली उड़ने वाली कार आई, हवा में 200मील प्रति घंटा व जमीन पर 100 मील प्रति घंटा है रफ्तार

कंपनी की मानें, तो यह कोई हेलीकॉप्टर नहीं है, जिसमें ब्लेड को इंजन से पावर दी जाती हो। यह एक गायरोप्लन है, जिसके ब्लेड एयरफ्लो की मदद से चलते हैं।

दुनिया की पहली उड़ने वाली कार आई, हवा में 200मील प्रति घंटा व जमीन पर 100 मील प्रति घंटा है रफ्तार

दुनिया की पहली हवा में उडऩे वाली कार को फ्लोरिडा के मियामी में 3 दिसंबर को पेश किया गया है। इसकी कीमत करीब 4.3 करोड़ रुपये है। इसका नाम पर्सनल एयर लैंडिंग व्हीकल या पाल-वी रखा गया है। हवा में इसकी सबसे तेज गति 200 मील प्रति घंटा है। वहीं, सड़क पर इसकी गति 100 मील प्रति घंटा है। हॉलैंड में बनी इस गाड़ी का तेजी से उत्पादन किया जा रहा है। कंपनी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। अब तक इस कार को 70 बुकिंग मिल चुकी हैं। कार की डिलीवरी साल 2021 में होगी।

टेकऑफ के लिए होगी 100 फीट की जरूरत

कंपनी की मानें, तो यह कोई हेलीकॉप्टर नहीं है, जिसमें ब्लेड को इंजन से पावर दी जाती हो। यह एक गायरोप्लन है, जिसके ब्लेड एयरफ्लो की मदद से चलते हैं। कंपनी का दावा है कि अगर कार के दोनों इंजन को बंद कर दिया जाएं, तब भी ब्लेड चलते रहेंगे। यह कार कार्बन फाइबर, टाइटेनियम और एल्यूमिनियम से बनाई गई है। जिसका वजन 680 किलोग्राम है। कार में दो लोगों के बैठने की जगह होगी। इसे उड़ान भरने के लिए 549 फीट रनवे और टेकऑफ के लिए 100 फीट की जरूरत होती है। इस गाड़ी के ऊपर रियर प्रोपेलर लगे हैं जिन्हें जब चाहे हटाया जा सकता है। इनकी मदद से यह गाड़ी 12,500 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकती है। कार को चलाने के लिए गैसोलीन की जरूरत पड़ती है।

इंजन और पावर

ब्रिटेन की वेबसाइट डेली मेल की खबर के मुताबिक कार में 230 हॉर्सपावर के चार सिलेंडर इंजन लगाए गए हैं। यह गाड़ी तीन सीट वाली कार से दो सीट वाले एयरोप्लेन में कन्वर्ट हो जाती है। यह पूरी प्रक्रिया महज 10 मिनट में पूरी हो जाती है। कंपनी ने कार को ऐसे बनाया है कि सिर्फ एक बटन दबाने से इसके ब्लेड मुड़ जाते हैं। यह आठ सेकेंड के अंदर शून्य से 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है।

Next Story
Top