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Walmart और Flipkart के बीच 22 अरब डॉलर की डील, कर्मचारी हुए मालामाल, जानें वजह

वॉलमार्ट डील से फ्लिपकार्ट के ईसॉप्स (एंप्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान) यानी शेयर रखने वाले कर्मचारी मालामाल हो गए हैं।

Walmart और Flipkart के बीच 22 अरब डॉलर की डील, कर्मचारी हुए मालामाल, जानें वजह
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वॉलमार्ट डील से फ्लिपकार्ट के ईसॉप्स (एंप्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान) यानी शेयर रखने वाले कर्मचारी मालामाल हो गए हैं। अमेरिकी रिटेल कंपनी भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म को 22 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर खरीद रही है। इससे भारत की कंपनियों के इतिहास में कर्मचारियों के लिए सबसे अधिक संपत्ति बनेगी।

इस सौदे से फ्लिपकार्ट के एंप्लॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान की वैल्यू बढ़कर करीब 13,455 करोड़ यानी 2 अरब डॉलर हो गई है। फ्लिपकार्ट के 100 मौजूदा और पूर्व एंप्लॉयीज के पास जो ईसॉप्स हैं, उनमें से हरेक के लिए इसकी वैल्यू 1 करोड़ डॉलर (करीब 65 करोड़ रुपए) से अधिक होगी।

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कई बनेंगे करोड़पति

वॉलमार्ट मच्योर ईसॉप्स के लिए 100% बायबैक का ऑफर लाएगा। यानी, कंपनी के जिन एंप्लॉयीज के पास जितने भी शेयर हैं, उन्हें प्रति शेयर 150 डॉलर (10,000 रुपए) की दर से बेचने का विकल्प दिया जाएगा।

इस ऐलान के बाद फ्लिपकार्ट ग्रुप के जो एंप्लॉयीज करोड़पति बननेवाले हैं, उनमें फोनपे के सीईओ और संस्थापक समीर निगम है। फ्लिपकार्ट ने ये स्टॉक ऑप्शंस चार साल में दिए थे। इसमें एक साल के बाद एंप्लॉयीज को हर महीने इन्हें भुनाने का ऑप्शन दिया गया था।

इन्फोसिस सबसे आगे

फ्लिपकार्ट का एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस पूल अब ऐक्सिस बैंक (5,065 करोड़), एचसीएल टेक (5,498 करोड़) और विप्रो (3,040 करोड़) के कंबाइंड ईसॉप्स पूल के बराबर हो गया है।

एंप्लॉयी की संपत्ति बढ़ाने में इन्फोसिस देश की नंबर वन कंपनी रही है। कंपनी शुरू होने के बाद से 2011 तक उसने 50,000 करोड़ से अधिक के स्टॉक ऑप्शंस कर्मचारियों को दिए थे।

साल 2000 में इन्फोसिस ने 2,000 से अधिक एंप्लॉयीज को ईसॉप्स ऑफर किए थे, जिनमें से कई करोड़पति बन गए।

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स्विगी, पेटीएम ने लाया था बायबैक प्रोग्राम

2015 में फ्लिपकार्ट ने एंप्लॉयी ट्रस्ट फंड के 240 करोड़ के शेयर अमीर निवेशकों को बेचे थे। भारत की डिजिटल कंपनियों ने एंप्लॉयीज के लिए 4-5 अरब डॉलर की वेल्थ क्रिएट की है।

हाल में फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने 40 लाख डॉलर (करीब 26 करोड़ रुपए) का एंप्लॉयी शेयर बायबैक प्रोग्राम पेश किया है। पिछले साल पेटीएम के 47 एंप्लॉयीज ने 100 करोड़ के शेयर बेचे थे। पेटीएम में करीब 500 एंप्लॉयीज के पास पैरंट कंपनी के 4 प्रतिशत शेयर हैं।

यू बदला फ्लिपकार्ट पर वाॅलमार्ट का फैसला

वॉलमार्ट के संस्थापक सैम वॉल्टन के बेटे के दामाद और वॉलमार्ट बोर्ड के चेयरमैन ग्रेग पेन्नर ने फ्लिपकार्ट डील में अहम भूमिका निभाई।

कैलिफोर्निया के सेक्स थेरपिस्ट्स के बेटे पेन्नर (47) के दखल देने से पहले इस प्रस्ताव पर तकरीबन सहमति बन गई थी कि वॉलमार्ट सचिन और बिन्नी बंसल की कंपनी में 20% माइनॉरिटी स्टेक ही ले। बोर्ड चेयरमैन के रूप में पेन्नर की दलील यह थी कि वॉलमार्ट कोई फाइनैंशल इन्वेस्टर नहीं है कि फ्लिपकार्ट में स्टेक ले और बाद में अच्छे भाव पर एग्जिट कर जाए।

पेन्नर ने कहा था कि वॉलमार्ट को भारत के तेज रफ्तार रिटेल सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाने का लक्ष्य लेकर चलना चाहिए और ऐसा करने का रास्ता यह है कि फ्लिपकार्ट को खरीद लिया जाए।

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दस साल में पैदा होगी लाखों नौकरियां

दुनिया के सबसे बड़े रिटेलर्स में शुमार वालमार्ट इंक ने गुरुवार को फ्लिपकार्ट के साथ हुई 16 बिलियन डॉलर की डील के बाद कहा कि यह डील देश के लिए बेहतर है और यह समय के साथ लाखों नौकरियां पैदा करने में मददगार होगी और कंपनी की ओर से वस्तुओं (गुड्स) के स्थानीय सोर्सिंग के माध्यम से अर्थव्यवस्था में मदद करेगी।

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