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बड़ी खबर : अब आप भी मोबाइल की तरह कार का नंबर कर सकेंगे पोर्ट, जानें कैसे

वैसे तो जब से भारतीय बाजार में टेलीकॉम कंपनियों के बीच मुकाबला होने लगा है, तब से सभी कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दे रही हैं। इन सुविधाओं में एक सुविधा ऐसी है, जिसके जरिए अगर उपभोक्ता अपनी सेवा प्रदाता कंपनी से खुश नहीं है, तो वह अपने नंबर को दूसरी दूरसंचार कंपनी में पोर्ट करवा सकता है। इस सेवा को मोबाइल पोर्टेबिलिटी कहते हैं।

बड़ी खबर : अब आप भी मोबाइल की तरह कार का नंबर कर सकेंगे पोर्ट, जानें कैसे
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वैसे तो जब से भारतीय बाजार में टेलीकॉम कंपनियों के बीच मुकाबला होने लगा है, तब से सभी कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दे रही हैं। इन सुविधाओं में एक सुविधा ऐसी है, जिसके जरिए अगर उपभोक्ता अपनी सेवा प्रदाता कंपनी से खुश नहीं है, तो वह अपने नंबर को दूसरी दूरसंचार कंपनी में पोर्ट करवा सकता है। इस सेवा को मोबाइल पोर्टेबिलिटी कहते हैं।

अगर हम आप से कहें कि अब आप भी अपनी गाड़ी का नंबर मोबाइल के नंबर की तरह पोर्ट करवा सकते हैं, तो आपको यह सुनकर थोड़ी हैरानी होगी और हो सकता है आप इसको सच नहीं मानेंगे। लेकिन हाल यह सच है। दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ट्रांसपोर्ट विभाग को कार के नंबर को पोर्ट करवाने की अनुमति दे दी है। इससे पहले दिल्ली, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र में कार के नंबर को पोर्ट किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश की सरकार के इस नियम के तहत आप अब अपनी नई कार के लिए पुरानी कार के नंबर को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार, योगी सरकार का यह फैसला मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की ही तरह काम करेगा।

यदि आप अपनी पुरानी कार को सेल कर देते हैं, तो आप उसका नंबर अपनी नई कार के लिए पोर्ट करवा सकता हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकार की यह कोशिश है कि जल्द से जल्द इस नियम को लागू किया जा सकें।

उत्तर प्रदेश सरकार का यह नियम अधिकारिक रूप से लागू हो जाता है, तो आप अपनी नई कार के लिए पुरानी कार का नंबर इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं, यह नियम सिर्फ गाड़ी पर ही नहीं बल्कि सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगा।

अब बात करते हैं कि पुरानी कार का नंबर पोर्ट करवाने में कितना खर्च आ सकता है। अब कोई भी व्यक्ति अपने स्कूटर से लेकर बाइक तक के नंबर को आसानी पोर्ट करवा सकता है, लेकिन ट्रांसपोर्ट विभाग ने इस नियम को लेकर किसी भी तरह की कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

यह कयास लगाए जा रहे हैं कि टू-व्हीलर के नंबर को पोर्ट करवाने में करीब 20 हजार रुपए तक का खर्च आ सकता है और चार पहिया वाहन का नंबर पोर्ट करवाने के लिए 50 हजार रुपए तक का खर्च आ सकता है।

आपको बता दें कि सरकार ने अब तक इस नियम को पूरी तरह से लागू नहीं किया और यह नहीं कहा जा सकता है कि यह कब लागू होगा। इसके अलावा सरकार ने वाहन पोर्टेबिलिटी को लेकर किसी भी तरह का कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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