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उबर को लगा झटका, यूरोप की अदालत ने सुनाया ये बड़ा फैसला

उबर भारत के साथ-साथ अन्य देशों में एप बेस्ड कैब सर्विस प्रोवाइड करती है।

उबर को लगा झटका, यूरोप की अदालत ने सुनाया ये बड़ा फैसला
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यूरोपीय संघ की शीर्ष अदालत ने बुधवार को कहा कि उबर महज एप के बजाय एक सामान्य टैक्सी कंपनी है और उस पर वही नियम लागू होने चाहिए जो परंपरागत टैक्सी सेवाओं पर लागू होते हैं।

उबर एप नहीं टैक्सी है

यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कहा, ‘‘लोगों को गैर-पेशेवर चालकों से जोड़ने की उबर की सेवा परिवहन के क्षेत्र के अंतर्गत आती है। सदस्य देश इस कारण उबर की सेवा के लिए शर्तों का नियमन कर सकते हैं।”

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उबर की सेवाएं परिवहन के दायरे में आती है

अदालत के वरिष्ठ सलाहकार महाधिवक्ता मासिएज स्पूनर ने मई में कहा था कि नवाचार के बावजूद उबर परिवहन के ही दायरे में आती है। ‘‘उबर को राष्ट्रीय कानून के तहत आवश्यक लाइसेंस एवं मंजूरियों की जरूरत को पूरा करना चाहिए।'

उन्होंने कहा कि उबर की सेवाएं परिवहन के दायरे में आती हैं और इसे यूरोपीय संघ के नियमों के तहत परिवहन सेवा क्षेत्र में ही वर्गीकृत किया जाना चाहिए।

नहीं होगा कोई बदलाव

उबर ने इसके जवाब में कहा था कि इससे मामूली बदलाव होंगे पर नवाचार पर बुरा असर पड़ेगा। उबर के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘परिवहन कंपनी माने जाने से अधिकांश यूरोपीय देशों में हमारे द्वारा माने जा रहे नियमनों में बदलाव नहीं होगा।

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हालांकि यह उन पुराने नियमों में सुधार को प्रभावित करेगा जो महज एक क्लिक पर कैब की सुविधा से लाखों यूरोपीय लोगों को वंचित करता है।' अदालत के न्यायाधीश समान्यत: महाधिवक्ता द्वारा दिये गये सलाह का ही अनुसरण करते हैं।

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