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Google Doodle: आज से 30 साल पहले गिराई गई थी 'बर्लिन की दीवार', जानें क्या थी वजह

शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुए आंदोलन की 30वीं सालगिरह पर गूगल ने एक डूडल बनाकर इस दिन को समर्पित किया है।

Google Doodle:Google Doodle: 'Berlin Wall' was dropped 30 years ago, know what was the reason

गूगल डूडल आज बर्लिन दीवार गिराए जाने की 30वीं सालगिरह मना रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुए आंदोलन की 30वीं वर्षगांठ पर गूगल ने एक डूडल बनाकर इस दिन को समर्पित किया है। यह आंदोलन शीत युद्ध खत्म करने और जर्मनी के एकीकरण करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई थी।

इस गूगल डूडल को बनाने वाले बर्लिन के गेस्ट आर्टिस्ट मैक्स गूथर ने बताया कि उन्हें इस विषय पर काम करके सम्मान महसुस हो रहा है। उन्होंने कहा कि 'इस आर्ट के लिए मैंने 30 साल पहले के बर्लिन के परिवारों से बात की, उस वक्त की तस्वीरों और कहानियों से प्रेरणा ली साथ ही बर्लिन दीवार के गिरने की घटना को तस्वीरों के माध्यम से महसूस किया'।

27 वर्षीय मैक्स गूथर ने बताया कि मुझे आशा है कि लोग पूरी दुनिया में सीमा की दीवारों से लड़ना शुरू कर देंगे, अलग-अलग देशों में रहने वाले लोगों की सहायता करेंगे, और अपने घर से भागने वाले लोगों को रहने के लिए शरण देंगे क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

मैक्स गूथर ने कहा कि फॉल ऑफ बर्लिन वॉल से ना सिर्फ मैं प्रभावित हुआ बल्कि जर्मन और यूरोपियन भी प्रभावित हुए हैं। मैंने उस पीढ़ी में जन्म नहीं लिया है, जिस दौरान ये ऐतिहासिक घटना हुई लेकिन इस दिन का एकीकारण हम सभी के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Google Doodle में एक कपल को टूटी हुई दीवार के बीच में गले मिलते हुए दिखाया गया है। इसमें लिखा है 'Tor auf' जिसका मतलब है 'ओपन द डोर'। 1989 में उस शाम बर्लिन वॉल पर भारी संख्या में लोग जुटे थे। सरकारी प्रेस सूत्रों के मुताबिक एक आधिकारिक प्रवक्ता के गलत बयानों के कारण मीडिया को ये खबर मिल गई कि ईस्ट जर्मनी के लोगों को पूर्व और पश्चिम बर्लिन में स्वतंत्र यात्रा करने की इजाज़त है।

इसके बाद तत्कालीन ऑफिसर इंचार्ज ने अपने अधिकारियों को कहकर गेट खोलने का आदेश दे दिया। गेट खुलने की खबर आग की तरह फैल गई और कुछ ही दिनों में करीब 2 मिलियन जर्मन वहां पहुंच गए और खुशियां मनाते हुए उन्होंने सीमा को पार किया। इस फैसला से एक नए युग की शुरुआत हुई थी।

दरअसल बर्लिन की दीवार, बर्लिन और जर्मन लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच एक अवरोध थी। इस दीवार ने एक प्रकार से बर्लिन को दो टुकड़ों में बांट रखा था। इस दीवार को 1961 में बनाया गया था और 9 नवंबर 1989 को गिरा दिया गया था। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सैकड़ों कर्मचारी, नागरिक और व्यापारी घर से बेघर हो गए और वे बर्लिन के एक हिस्से को छोड़कर दूसरे हिस्से की तरफ जाने लगे।

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