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Digital Money Transfer : डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी से बचने का आसान तरीका

Digital Money Transfer ऑनलाइन पेमेंट यानी डिजिटल ट्रांजक्शन ने पैसों के लेन-देन को बहुत सुविधाजनक बना दिया है। लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। आप भी ऐसी धोखाधड़ी के शिकार न हो जाएं, इसके लिए यह जानना जरूरी है कि डिजिटल फ्रॉड होते कैसे हैं, और किस तरह की सावधानी बरतकर इनसे बचा जा सकता है? इस बार में डिजिटल बैंकिंग की जानकार वीना गौतम बता रही हैं विस्तार से...

Digital Money Transfer : डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी से बचने का आसान तरीकाDigital Money Transfer Safety Tips In Hindi

Digital Money Transfer इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को आपने भी देखा होगा। लगभग छह से सात मिनट के इस वीडियो में एक व्यक्ति अपने ठगे जाने की कहानी और इसके बाद पुलिस के रवैय्ये को बताता है। वीडियो के अंत में वह सरकार से गुहार लगाता है कि देश को इस तरह की धोखाधड़ियों से बचाया जाए। बहरहाल, वीडियो इस तरह है कि इस व्यक्ति ने ओएलएक्स वेबसाइट में कोई चीज बेचने के लिए पोस्ट डाली थी, जिसे देखकर किसी ने उसे फोन किया और संबंधित सामान को खरीदने के लिए एक रकम तय की। फिर उसने कहा कि आधी रकम वह अभी भेज देता है और आधी रकम सामान लेते समय कर देगा।

पीड़ित व्यक्ति के मुताबिक कुछ देर में उसका फोन आता है और वह कहता है कि उसने आधी पेमेंट भेज दी है, प्लीज पे बटन ओके करके अपने खाते में रकम देख लें। बताने के मुताबिक इस व्यक्ति ने वैसा ही किया और पता चला कि जितनी पेमेंट आने की बात थी, वह दरअसल आई नहीं उल्टे चली गई। यह समझते ही इस व्यक्ति ने उसे तुरंत फोन लगाया, लेकिन इसके बाद से अब तक उसका फोन बंद मिल रहा है। दरअसल, यह सोशल मीडिया में घूम रहे किसी एक वीडियो की कहानी भर नहीं है। आजकल हर जगह ऐसी दर्जनों कहानियां सुनने को मिल जाएंगी। सरकार से लेकर आरबीआई तक भले डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की बात की जा रही हो, लेकिन डिजिटल लेन-देन में आजकल जिस तरह की धोखाधड़ियां धड़ल्ले से हो रही हैं, वे इस पूरी व्यवस्था को ही हिला देने में लगी हैं।


असावधानी है वजह

हालांकि सच यह भी है कि अपराध भला किस सिस्टम में नहीं होते? दुनिया में कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है, जहां धोखाधड़ी न होती हो। इसलिए इस तरह की धोखाधड़ियों के चलते डिजिटल लेन-देन से हाथ खींच लेना तो संभव नहीं है। सवाल है इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होने से कैसे बचें? निश्चित रूप से इनसे बचना संभव है। बस हमें सतर्क रहने की जरूरत है और यह जानने की जरूरत है कि इस तरह की गड़बड़ियां आखिर होती कैसे है? दरअसल इन दिनों लोग तमाम एप्स का इस्तेमाल डिजिटल लेन-देन के लिए करते हैं। इस लेन-देन की प्रक्रिया में अगर सावधानी न बरती गई तो इस तरह की गड़बड़ियां होती हैं।

बचना है पॉसिबल

अब सवाल है कि वे सावधानियां क्या हैं, जिनसे इस तरह की गड़बड़ियों से मुक्ति मिलती है? पहली और बहुत जरूरी सावधानी तो यही है कि ऐसे लेन-देन के दौरान जो भी मैसेज आते हैं, उन्हें बहुत ध्यान से पढ़ा जाए। जल्दबाजी कभी न की जाए। वास्तव में ये जो तमाम पेमेंट एप्स हैं, वो आपके बैंक एकाउंट से जुड़े होते हैं। हालांकि कुछ कंपनियों के डिजिटल वॉलेट भी हैं, लेकिन ज्यादातर डिजिटल लेन-देन वॉलेट की जगह सीधे बैंक एकाउंट से जुड़े एप के जरिए ही होता है। हमें डिजिटल लेन-देन में किसी किस्म की धोखाधड़ी से बचने के लिए इस पूरी व्यवस्था को अच्छी तरह से समझना चाहिए। ऐसा नहीं है कि पेमेंट एप अपने आपमें कोई खतरा हों, लेकिन जब हम अनुशासित होकर उनके सुरक्षा उपायों को नहीं अपनाते, तब ये परेशानी का सबब बन जाते हैं।


ऐसे होती है धोखाधड़ी

यह तो आप भी जानते हैं कि सभी पेमेंट एप लेन-देन की प्रक्रिया के लिए दो तरह के पिनों का इस्तेमाल करते हैं। एक एमपीआईएन और दूसरा यूपीआई पीआईएन। इन पिन के बिना पेमेंट एप को न तो खोला जा सकता है और न ही बंद किया जा सकता है। मसलन, किसी से पैसा मंगाना है तो एप को खोलने के लिए एमपीआईएन का प्रयोग करना होगा, जबकि पैसा भेजन के लिए यूपीआई पिन का इस्तेमाल करना होगा। इसलिए पिन का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। आजकल धोखाधड़ी करने वाले लोग, पेमेंट भेजने के लालच का ठगी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ये लोग उन लोगों को शिकार में फांसने की फिराक में रहते हैं, जो लोग अपनी कोई चीज बेचने के लिए किसी बेवसाइट में अपलोड करते हैं। ऐसे लोगों से धोखा करने वाले सौदा करते हैं और फिर उन्हें पैसा भेजने के नाम पर रिक्वेस्ट मनी का ऑप्शन भेज देते हैं। इसके बाद उस व्यक्ति से कहते हैं कि रकम भेज दी है, प्लीज आप ओके कर दीजिए और यूपीआई पिन डालकर उसे चेक कर लीजिए। ज्यादातर लोग इस तरह की बातों में यानी झांसों में आ जाते हैं और आए हुए मैसेज को ध्यान से पढ़े बिना ही ओके कर देते हैं। साथ ही यह जानने के लिए कि भेजी गई रकम उनके एकाउंट में आई या नहीं यूपीआई पिन डालकर अपना बैलेंस चेक करने की कोशिश करते हैं, इन्हीं पलों में उनके साथ जाल-साजी हो जाती है। जैसे ही वह यूपीआई पिन डालकर पेमेंट चेक करने की कोशिश करते हैं, वैसे ही उनके एकाउंट में जितनी पेमेंट आनी होती है, उतनी ही पेमेंट वापस चली जाती है।

रहें पूरी तरह अलर्ट

कहा कुछ भी जाए लेकिन इसमें सबसे बड़ा कसूर गलत तरीके से एप यूज करने वालों का ही है। दरअसल, आपके एकाउंट से पैसा तभी कटता है, जब आप अपने यूपीआई पिन का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि अपने यूपीआई पिन का इस्तेमाल तभी करें, जब यह सुनिश्चित हो जाए कि आपके साथ धोखाधड़ी नहीं होगी। यह सुनिश्चितता इसलिए जरूरी है, क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी चेतावनी देता है कि अगर पेमेंट एप यूजर में यूपीआई पिन डाल दिया है और इससे उसके एकाउंट से पैसे कट गए हैं तो इसके लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा। इस वजह से बजाय किसी और पर आरोप लगाने के हमें इस डिजिटल धोखाधड़ी के लिए अपने आप को ही जिम्मेदार मानना होगा।

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