Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

खुशखबरी! पेट्रोल पंप जाने की झंझट खत्म, इस ऐप की मदद से कहीं पर भी मंगवाएं डीजल

बीपीसीएल के द्वारा फिलनाओ ऐप लॉन्च की गई है, जिससे ग्राहकों को डीजल खरीदने के लिए ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, इस ऐप के माध्यम से उन्हें सिर्फ अपना ऑर्डर बुक करना है, जिसके बाद डीजल ग्राहक के द्वारा बताई गई जगह पर डिलिवर कर दिया जाएगा...

बीपीसीएल ने घर- घर  डीजल की डीलवरी के लिए लॉन्च की फिलनाओ ऐपबीपीसीएल ने घर- घर डीजल की डीलवरी के लिए लॉन्च की फिलनाओ ऐप

हाउसिंग सोसाइटी, मॉल और उद्योग जैसे संगठन जो अक्सर थोक रेट में डीजल खरीदते हैं। वह अब फिलनाओ ऐप की मदद से अपने घर से ही ईंधन का ऑर्डर दे सकते हैं। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने नोएडा के सेक्टर 95 में अपना पहला पोर्टेबल ईंधन स्टेशन लॉन्च कर दिया है। इस मामले से जुड़े सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना का अन्य स्थानों पर भी विस्तार होगा और इसका उद्देश्य उन उद्योगों और बड़े संस्थानों की मदद करना है जिन्हें असुरक्षित और कंटेनरों के द्वारा ईंधन को लाना पड़ता है।


ईंधन खरीदने वाले ग्राहक फिलऑन ऐप की मदद से ईंधन का ऑर्डर दे सकते हैं। यह ऐप एंड्रॉइड फोन के साथ - साथ आईओएस फोनो को भी सपोर्ट करता है। लेकिन इस सेवा का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम 100 लीटर डीजल खरीदना होगा।

एक बार ऑर्डर देने के बाद और ग्राहक द्वारा दी गई जानकारी BPCL डीलर के पास पहुंच जाने के बाद डिलीवरी ट्रक ग्राहक के पास तक पहुंच जाएगा। ट्रक के स्थान पर पहुंचने से पहले, ग्राहक को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा और भुगतान ऑफ़लाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है।

डिलीवरी ट्रक ग्राहक की सभी आवश्यक जानकारी के साथ BPCL डीलर के पास पहुंच जाएगी । ट्रक के भेजे गए पते पर पहुंचने से पहले, ग्राहक को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा और जिसका भुगतान ग्राहक ऑफ़लाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है। बीपीसीएल कंपनी ने नोएडा सेक्टर 95 में स्थित शहीद रामेंद्र प्रताप सिंह पेट्रोल पंप को अपने साथ इस काम के लिए जोडा है। जो ईंधन की आपूर्ति करेगा।


ईंधन वितरण का यह कार्य वाहन नवीनतम पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन मानकों को ध्यान में रखकर ही किया जा रहा है। जिसमें 4000 लीटर टैंक के साथ एक मोबाइल ईंधन मशीन भी है। इसके साथ ही इस टैंकर में जियो-सेंसिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। जो इसे तब तक लॉक रखेगी जब तक कि यह डिलीवर होने वाले स्थान तक नहीं पहुंच जाती।

Next Story
Top