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TRAI New Guidelines : SMS की स्क्रबिंग पॉलिसी लागू होने से नहीं मिल रहा ओटीपी, जानिये कब खत्म होगी परेशानी

ट्राई ने उपभोक्ताओं को स्पैम मैसेज और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए नई गाइडलाइंस बनाई थी, लेकिन कंपनियों की ओर से तय मापदंड पूरे न करने के चलते यह गाइडलाइंस ही उपभोक्ताओं की परेशानी का सबब बन गई है। डीएलटी पर रजिस्ट्रेशन न कराने वाली कंपनियों के उपभोक्ताओं को न तो ओटीपी मिल पा रहा है और न ही वे संबंधित एप पर लॉगइन कर पा रहे हैं।

TRAI New Guidelines : SMS की स्क्रबिंग पॉलिसी लागू होने से नहीं मिल रहा ओटीपी, जानिये कब खत्म होगी परेशानी
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प्रतीकात्मक तस्वीर। 

टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने ऑनलाइन फ्रॉड और अनचाहे मैसेज पर नकेल कसने की दिशा में नई गाइडलाइंस लागू तो कर दी हैं, लेकिन जिन कंपनियों और बैंकों ने अभी तक खुद को नए डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नॉलजी (DLT) पर रजिस्टर नहीं कराया है, उनके उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। इन उपभोक्ताओं को न तो ओटीपी मिल पा रहा है और न ही कंपनी की सेवाओं के लिए लॉगइन कर पा रहे हैं। लोग खासे परेशान हैं कि करें तो क्या करें? ऐसे में ट्राई ने स्थिति स्पष्ट की है कि आगे ऐसी कंपनियों के लिए क्या विकल्प हैं, जिन्होंने अभी तक खुद को डीएलटी पर रजिस्टर नहीं कराया है।

ट्राई की गाइडलाइंस को जानने से पहले समझ लीजिए कि आखिर आपको यह समस्या उठानी क्यों पड़ी। दरअसल, हमारे फोन में दिनभर दर्जनों मैसेज आते हैं, जिनमें से ज्यादातर स्पैम मैसेज होते हैं। अगर आपने एक बार गलती से किसी एप पर अकाउंट बना लिया और तुरंत डिलीट कर लिया तो भी उस कंपनी की तरफ से आपको मैसेज आने लगते हैं। लोगों को ऐसे अनचाहे मैसेज से छुटकारा दिलाने और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए ट्राई ने नई गाइडलाइंस बनाई थी। इसके तहत मार्केटिंग या ओटीपी से जुड़े मैसेज भेजने के लिए कंपनियों को डीएलटी पर रजिस्टर होना जरूरी किया गया है।

कंपनियों को डीएलटी पर रजिस्टर होने के लिए 7 मार्च तक का समय दिया गया था। यह ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत प्रत्येक मैसेज जांच प्रक्रिया से गुजरेगा। इसे स्क्रबिंग सिस्टम भी कहते हैं, लेकिन कई कंपनियों ने खुद को डीएलटी पर रजिस्टर नहीं कराया। ऐसे में इन कंपनियों की ओर से भेजे गए ओटीपी अब उनके उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहे।

चिंताजनक पहलु यह है कि कई बैंकों ने भी खुद को डीएलटी पर रजिस्टर नहीं कराया। ऐसे में इनके उपभोक्ता बैंकों से ऑनलाइन जुड़े काम भी नहीं कर पा रहे, क्योंकि उन्हें ओटीपी नहीं मिल पा रहा। डीएलटी पर रजिस्टर न कराने वाली कंपनियों के लिए आगे क्या विकल्प है, इसके बारे में ट्राई ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। ट्राई ने कहा है कि टीएसपी द्वारा एसएमएस की स्क्रबिंग को सात दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। एसएमएस के टेम्पलेट को पंजीकृत करने के लिए प्रमुख संस्थाओं को सक्षम किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।

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