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Johnson & Johnson ने भारत सरकार से अपनी वैक्सीन के क्लिनिकल परीक्षण के लिये मंजूरी मांगी, जानें कितनी असरदार है खुराक

नसन एंड जॉनसन भारत के दवा नियामक से कोरोना वायरस संक्रमण रोधी अपने टीके के तीसरे फेज के ट्रायल की अनुमति मांगी है और साथ ही आयात लाइसेंस की भी मांग की है।

Johnson & Johnson ने भारत सरकार से अपनी वैक्सीन के क्लिनिकल परीक्षण के लिये मंजूरी मांगी, जानें कितनी असरदार है खुराक
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वैक्सीन के क्लिनिकल परीक्षण 

नई दिल्ली। दवा और चिकित्सा उपकरण बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) भारत के दवा नियामक से कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण रोधी अपने टीके (Vaccine) के तीसरे फेज के ट्रायल की अनुमति मांगी है और साथ ही आयात लाइसेंस (import license) की भी मांग की है। कंपनी का टीका केवल एक खुराक डोज है। कंपनी ने कहा कि उसने भारत के औषधि नियामक से अपने एक खुराक वाले टीके के चिकित्सीय परीक्षण के लिए अनुमति मांगी है। इसका मकसद स्थानीय नियमन का अनुपालन करना है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) ने फरवरी में जॉनसन एंड जॉनसन के कोविड-19 रोधी टीके को मंजूरी दे दी थी। इस टीके की एक ही खुराक की जरूरत पड़ती है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन स्वास्थ्य प्राधिकरणों और दुनिया के बेहतरीन वैज्ञानिकों के साथ मिलकर दुनिया भर में अपने कोविड-रोधी टीके जॉनसन के आपात उपयोग को लेकर जरूरी आंकड़े उपलब्ध करा रही है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले सप्ताह दूसरे देशों में उत्पादित उन सभी टीकों के आपात उपयोग के लिये तेजी से मंजूरी देने का निर्णय किया, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन या अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन या जापान में नियामकों से मंजूरी मिली है। सरकार के इस निर्णय के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने परीक्षण की मंजूरी मांगी है। बयान के अनुसार, 'हमने भारतीय औषधि महानियंत्रक से अपने एकल खुराक वाले कोविड रोधी टीका जॉनसन के क्लिनिकल परीक्षण को पूरा करने के लिये मंजूरी को लेकर आवेदन दिया है ताकि स्थानीय नियमन को पूरा किया जा सके।' कंपनी के टीके को रेफ्रिजरेटर तापमान पर रखा जा सकता है।

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