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TikTok ही नहीं उसके 47 करोड़ यूजर्स को भी लगा झटका, तीन महीनों में इतनी थी कमाई

टिकटॉक ने जुलाई से सितंबर तक तीन माह रखा था अपना 100 करोड़ की कमाई का टारगेट। सरकार ने कर दिया बैन

टिकटॉक वीडियो बनाने के चक्कर में रेलवे लाइन पर चढ़ा युवक, बिजली के खंभे से चिपकाप्रतीकात्मक तस्वीर

भारत सरकार द्वारा चीन के टिकटॉक ऐप को बैन करते ही एक बडा झटका लगा है। इसकी वजह टिकटॉक की करोडों अरबों रुपये की कमाई का अधिकतम हिस्से का अचानक ही चौपट हो जाना है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो टिकटॉक ने इस वर्ष जुलाई से सितंबर के बीच कंपनी ने 100 करोड रुपये कमाने का टारगेट सेट किया था। इतना ही नहीं कंपनी ने पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर 2019 के बीच यानि तीन महीनों में 25 करोड रुपये से ज्यादा की कमाई की थी। चाइनीज ऐप टिकटॉक की यह कमाई विज्ञापनों को जिरये होती है। जिसमें उसे मोटा मुनाफा मिलता है।

47 करोड़ डाउनलोड में 30 प्रतिशत भारत से

अगर टिकटॉक की बात करें तो कुछ ही दिनों में इस ऐप ने भारत में बहुत ही मजबूती के साथ अपने पैर जमाये थे। टिकटॉक के पूरी दुनिया में 47 करोड यूजर्स में से 30 प्रतिशत भारत के हैं। मोबाइल में ऐप डाउनलोड से टिकटॉक ने खूब कमाई भी करने लगा था। अक्टूबर से दिसंबर 2019 के बीच तीन महीनों में टिकटॉक कंपनी को 25 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। वहीं इस साल जुलाई से सितंबर के बीच कंपनी ने 100 करोड़ रुपये का टारगेट सेट किया था। कंपनी की यह कमाई किसी और नहीं बल्कि ऐप वीडियो पर आने वाले विज्ञानों से की है। कंपनी की इसी आमदनी में लगातार इजाफा हो रहा था। इतना ही नहीं इस ऐप ने यूजर्स के मामले में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक को भी पीछे कर दिया छोड दिया था।

इन ऐप्स के भारत में भी हैं करोड़ों यूजर्स

देश में टिकटॉक के अलावा भी कई ऐसे चाइनीज ऐप हैं। जो यूजर्स डेटा के साथ चीट कर रहे हैं, लेकिन इनके यूजर्स भी एक या दो नहीं करोड़ों से भी ज्यादा है। भारत में इनकी अच्छी धाक हैं। इन ऐप्स में शेयर इट, यूसी ब्राउजर,यूसी न्यूज, हेलो, लाइकी, वीचैट, वीगो, कैम स्कैनर, क्लीन मास्टर शामिल है। अधिकतर एप्स का यूजर बेस करोड़ों में था और इनकी खूब कमाई भी हो रही थी। यूसी ब्राउजर देश में गूगल क्रोम के बाद सबसे बड़ा ब्राउजर बन गया था।

सरकार ने इन ऐप्स को इसलिए कर दिया बैन

देश में पिछले काफी समय से ज्यादातर लोगों के फोन में मिलने वाले ये 59 चाइनीज मोबाइल एप को देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह रखने वाला बताया गया है। आईटी मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह ऐप यूजर्स के डेटा को चोरी कर उन्हें भारत के बाहर स्थित सर्वर को अनधिकृत तरीके से भेजते हैं। जो यूजर्स के लिए बहुत ही नुकसानदेह हो सकता है।

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