Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

E-Commerce कंपनियों ने 5 दिन की फेस्टिवल सीजन सेल में बेचा 22 हजार करोड़ का सामान, हर सेकंड बुक हुए 110 ऑर्डर

फेस्टिवल सीजन में ई कॉमर्स कंपनियों के की बिक्री के सामने फैल हुआ कोविड 19 महामारी का वार। मात्र 5 दिनों में ई कंपनियों ने बेचा 22 हजार करोड़ रुपये का सामान

E-Commerce कंपनियों ने 5 दिन की फेस्टिवल सीजन सेल में बेचा 22 हजार करोड़ का सामान, हर सेकंड बुक हुए 110 ऑर्डर
X

कोरोना वायरस जैसी महामारी के चलते जहां भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में लॉकडाउन लग गया था। इस से नौकरी पेशा से लेकर बडे से बडा उद्योगपति प्रभावित हुआ था, लेकिन ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा चलाई गई 5 दिनों की फेस्टिवल सीजन सेल ने कोविड 19 के प्रकोप को अपनी कमाई से फैल कर दिया। जी हां इसकी वजह फेस्टिवल सीजन सेल के दौरान कंपनियों ने करीब 22 हजार करोड़ रुपये का सामान बेचा है। जो पिछले कई सालों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। इसका दावा खुद ई कॉमर्स कंपनियों ने किया है।

हर सेकंड बुक हुए 110 ऑर्डर

दरअसल, हाल ही सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, ई कॉमर्स कंपनी स्नैपडील, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और मित्रा जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने दिवाली से पहले 5 दिनों की फेस्टिवल सीजन सेल शुरू की थी। ज्यादातर कंपनियों ने यह सेल 16 से 20 अक्टूबर तक के लिए शुरू की थी। 5 दिनों की इस सेल में ग्राहकों ने करीब 3.1 अरब डॉलर यानि 22 हजार करोड़ रुपये का सामान बेचा है। वहीं यह बिक्री पिछले साल यानि 2019 और 2018 से भी ज्यादा है। यहां 2018 के त्योहारी सेल में ई कॉमर्स कंपनियों की बिक्री 15.4 करोड़ और 2019 में 19 हजार करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। हालांकि इससे पहले रेडसीर ने भी इस त्योहारी सीजन पर ई कॉमर्स कंपनियों की 5 दिन की सेल में एक हजार करोड़ की बिक्री का अनुमान लगाया था, लेकिन बिक्री इस से दोगुनी से भी ज्यादा रही। वहीं रिपोर्ट का दावा है कि ई कॉमर्स साइट्स पर हर सेकंड 110 ऑर्डर बुक किये गये।

वहीं एक रिपोर्ट का दावा है कि सेल में बंपर बिक्री को देखते हुए ई कॉमर्स कंपनियां दशहरा से लेकर दिवाली पर एक बार फिर से फेस्टिवल सेल ला सकती हैं। जो इस त्योहारी सेल में 50 हजार करोड़ रुपये के पार जा सकता है। वहीं यह पिछले साल करीब 28 हजार करोड़ थी। इस बार यह आंकडा दोगुना जा सकता है। वहीं स्नैपडील का दावा है कि पिछले 5 दिनों में उसके प्लेटफॉर्म पर हुई कुल बिक्री में 80 प्रतिशत खरीदारी स्थानीय ब्रांड की रही है।

Next Story