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भारत के बाद अमेरिका ने चीन पर की डिजिटल स्ट्राइक बैन किया TikTok!, इन चाइनीज ऐप्स पर भी हो सकती है कार्रवाई

चीनी कंपनी पर यूजर्स का डाटा चोरी करने का आरोप। अमेरिकी प्रशासन द्वारा जांच के बाद लिया गया ऐक्शन।

भारत के बाद अमेरिका ने चीन पर की डिजिटल स्ट्राइक बैन किया TikTok!, इन चाइनीज ऐप्स पर भी हो सकती है कार्रवाई
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चीन द्वारा लद्दाख बोर्डर पर तनातनी करने पर भारत द्वारा की गई Digital Strike के बाद अमेरिका ने भी यह रूख अपना लिया है। भारत द्वारा (TikTok) टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप्स को देश में बैन करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी (TikTok Ban) टिकटॉक को 24 घंटे में बैन करने के आदेश जारी कर दिये हैं। इसकी वजह अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही तनातनी को ही माना जा रहा है। वहीं ट्रंप ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के साथ 24 घंटे में अमेरिका में टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाये जाने की बात कही है।

अमेरिकी प्रशासन टिकटॉक की गतिविधियों पर बनाये हुए था नजर

दरअसल, यूजर्स की जानकारियां चोरी करने को लेकर भारत में 59 चीनी ऐप्स पर लगाये गये प्रतिबंध के बाद अमेरिकी प्रशासन ने भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले टिकटॉक ऐप की जांच शुरू कर दी थी। अमेरिकी प्रशासन इस पर नजर बनाये हुए था। जिसको लेकर कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में (TikTok Ban) टिकटॉक पर बैन लगाने के संकेत दे दिये थे। ट्रंप ने कहा था कि हमारा प्रशासन भी TikTok पर एक्शन लेने के लिए इसका मूल्यांकन कर रहा है। चीनी वीडियो ऐप अब राष्ट्रीय सुरक्षा और सेंसरशिप के मुद्दे का एक स्रोत बन गई है। जिसके बाद अब अमेरिका ने भी इसे बैन कर दिया है।

वहीं विदेशी मीडिया की खबरों के अनुसार, 2017 में टिकटॉक को लॉन्च करने वाली कंपनी बाइटडांस अब खुद को TikTok से अलग करने पर विचार कर रही है। इतना ही नहीं दावा किया जा रहा है कि बाइटडांस टिकटॉक को बेच सकती है। इसके साथ ही (Microsoft) माइक्रोसॉफ्ट समेत कई अमेरिकी टेक कंपनी और फाइनेंशियल फर्म द्वारा टिकटॉक को खरीदने के लिए सौदे की खबरें आ रही है। इसमें माइक्रोसॉफ्ट का नाम सबसे आगे चल रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि जल्द ही माइक्रोसॉफ्ट इसे खरीद सकता है। वहीं टिकटॉक पर एक या दो नहीं बल्कि कई बार यूजर्स का डाटा चीनी अधिकारियों के साथ शेयर करने का आरोप लग चुका है। वहीं अमेरिका में बैन लगने के बाद टिकटॉक ने कहा है कि वह चीनी सरकार को (American User's) अमेरिकी यूजर्स की कोई जानकारी नहीं देता है।

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