Night Driving Tips:भारत में सड़कों की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है, जिसके चलते लोग दिन के साथ-साथ रात में भी लंबी ड्राइव पर निकलना पसंद करते हैं। हालांकि, रात के समय ड्राइविंग करना ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कम रोशनी, थकान और विजिबिलिटी की कमी जैसी समस्याएं हादसे का जोखिम बढ़ा सकती हैं। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर आप अपनी यात्रा को सुरक्षित बना सकते हैं।
लाइट्स की जांच जरूर करें
रात में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए कार की हेडलाइट, टेललाइट और इंडिकेटर्स का सही तरह से काम करना बेहद जरूरी है। खराब लाइट्स न सिर्फ आपकी विजिबिलिटी कम करती हैं, बल्कि सामने से आने वाले वाहन चालकों के लिए भी खतरा बन सकती हैं।सफर पर निकलने से पहले सभी लाइट्स चेक कर लें। खराब लाइट्स के साथ ड्राइविंग करने पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है और चालान का सामना करना पड़ सकता है।
विंडशील्ड रखें साफ
रात के समय सामने से आने वाली गाड़ियों की तेज रोशनी अगर गंदी विंडशील्ड पर पड़ती है तो विजिबिलिटी और भी कम हो जाती है। धूल, मिट्टी या धुंध की परत के कारण सड़क साफ नजर नहीं आती।इसलिए यात्रा से पहले और दौरान जरूरत पड़ने पर विंडशील्ड को साफ करें। वाइपर और वॉशर फ्लूइड की स्थिति भी जांच लें।
धीमी आवाज में रखें म्यूजिक
रात में लंबी ड्राइव के दौरान हल्का म्यूजिक आपको फ्रेश रख सकता है। लेकिन तेज आवाज में गाने सुनने से बाहरी हॉर्न या सायरन की आवाज सुनाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए म्यूजिक हमेशा कम आवाज में रखें।
समय-समय पर लें ब्रेक
रात में लगातार ड्राइविंग करने से थकान और नींद आने की संभावना बढ़ जाती है। हर 2-3 घंटे में छोटा ब्रेक लें। इससे ड्राइवर सतर्क रहता है और इंजन को भी आराम मिल जाता है।
(मंजू कुमारी)