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Turtle Ring : क्या है कछुए वाली अंगूठी के राज- पहनने से पहले जानें इसके हानि और लाभ

Turtle Ring : ज्योतिष शास्त्र में ऐसी कई उपाय है। जिन्हें अपना कर मनुष्य अपने जीवन की सभी परेशानियों को समाप्त कर सकता है। इन्हीं में से एक उपाय है कछुए की अंगूठी को लेकर । आजकल जिसके हाथ में देखो कछुए की अंगूठी (Turtle ring) अवश्य मिलेगी । कुछ लोग तो इसे शौकिया तौर पर पहनते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि एक छोटी सी कछुए की अंगूठी आपके जीवन की सभी परेशानियों को खत्म कर सकता है। ज्योतिष में भी कछुए को लेकर कई मान्यतांए हैं । दरअसल कछुए को भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और माता लक्ष्मी (Mata Laxmi) से जोड़कर देखा जाता है। अगर आप भी कछुए की अंगूठी धारण करना चाहते हैं और आपको इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में नहीं पता है तो आज हम आपको इन सब के बारे में बताएंगे । तो चलिए जानते हैं कछुए की अंगूठी से जुड़ी सभी मान्यताओं के बारे में....

Turtle Ring : क्या है कछुए वाली अंगूठी के राज- पहनने से पहले जानें इसके हानि और लाभ

Turtle Ring : ज्योतिष शास्त्र में ऐसी कई उपाय है। जिन्हें अपना कर मनुष्य अपने जीवन की सभी परेशानियों को समाप्त कर सकता है। इन्हीं में से एक उपाय है कछुए की अंगूठी को लेकर । आजकल जिसके हाथ में देखो कछुए की अंगूठी (Turtle ring) अवश्य मिलेगी । कुछ लोग तो इसे शौकिया तौर पर पहनते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि एक छोटी सी कछुए की अंगूठी आपके जीवन की सभी परेशानियों को खत्म कर सकता है। ज्योतिष में भी कछुए को लेकर कई मान्यतांए हैं । दरअसल कछुए को भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और माता लक्ष्मी (Mata Laxmi) से जोड़कर देखा जाता है। अगर आप भी कछुए की अंगूठी धारण करना चाहते हैं और आपको इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में नहीं पता है तो आज हम आपको इन सब के बारे में बताएंगे । तो चलिए जानते हैं कछुए की अंगूठी से जुड़ी सभी मान्यताओं के बारे में....


कछुए वाली अंगूठी से जुड़ी मान्यतांए (Kachue wali Anguthi se judi Manyate)

1.कछुए को भगवान विष्णु का (कच्छप) अवतार माना जाता है। कछुए की अंगूठी पहनने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इसी के साथ माना तो यह भी जाता है कि कछुए की अंगूठी पहनने से न केवल भगवान विष्णु की बल्कि माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।

2. कछुए वाली अंगूठी को वास्तुशास्त्र में भी काफी महत्त्व दिया गया है। वास्तुशास्त्र में कछुआ को सकारात्मक उर्जा का प्रतीक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि कछुए वाली अंगूठी पहनने से शरीर में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।

3.विष्णु पुराण के अनुसार समुद्र मंथन के समय देवी लक्ष्मी के साथ कछुआ का भी प्रकट हुआ था, इसलिए कछुए को देवी लक्ष्मी का भी प्रिय माना जाता है।

4.ज्योतिष के अनुसार कछुए वाली अंगूठी को उन्नति का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए ऐसा माना जाता है कि इस अंगूठी को पहनने से उन्नति के सभी मार्ग खुल जाते हैं।

5.कछुए वाली अंगूठी पहनने से व्यक्ति में आत्मविश्वास और उर्जा का संचार अत्यधिक होता है। धन लाभ के लिए भी कछुए वाली अंगूठी पहनना अच्छा माना गया है। ऐसी मान्यता है कि कछुए वाली अंगूठी पहनने से माता लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं।


6.कछुए वाली अंगूठी पहनने से पहले इसे शुक्रवार को ही चांदी के धातु में बनवाना या खरीदना चाहिए। इस अंगूठी को पहनने के लिए शुभ दिन शुक्रवार माना गया है। शुक्रवार के दिन इस अंगूठी को गंगाजल से अभिषिक्त करना चाहिए।

7.इसके अलावे इस अंगूठी को पहनने से पूर्व लक्ष्मी के बीज मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। यदि संभव हो धारण करने के क्रम में भी लक्ष्मी के मंत्र का जाप कर सकते हैं।

8.कछुए वाली अंगूठी को धारण करने के बाद इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि कछुए का सिर वाला हिस्सा पहनने वाले की ओर होना चाहिए।

9. माना जाता है कि कछुए वाली अंगूठी को धारण करने से व्यक्ति में कछुए की भांति हर काम के प्रति धैर्य और साहस का संचार होता है। जिससे उसके जीवन के सभी उन्नति के मार्ग खुलते हैं।

10. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कछुए की अंगूठी को सीधे हाथ की मध्यमा या रिंग फिंगर में ही धारण करना शुभ होता है न हीं तो इसके शुभ परिणाम नहीं मिलते।

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