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सूर्य देव पूजा विधि और लाभ

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Mar 10 2018 5:52PM IST
सूर्य देव पूजा विधि और लाभ

सूर्य देव ही एकमात्र ऐसे देवता है जो प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते है। सूर्य देव की आराधना बेहद फलदायी माना जाता है। सूर्य देव की उपासना में सूर्य को अर्घ्य देना अत्यधिक महत्व का माना गया है।

सूर्य देव को अर्ध्य देने के लिए सूर्योदय के पहले उठाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद सूर्य देव को उगते ही पूरब दिशा की ओर मुंह करके खड़े हो जाना चाहिए। सूर्य देव को जल अर्पित करने के लिए तांबे का पात्र प्रयोग करना उत्तम माना गया है।

इस पात्र से अर्पित करें सूर्य देव को जल 

तांबे के पात्र में अल्प मात्रा में अरवा चावल (अक्षत), पुष्प और थोड़ी सी चीनी डालनी चाहिए। इसके बाद जल में थोड़ा कुमकुम डालना चाहिए। अब आप सूर्य देव के सामने खड़े होकर ताम्बे के पात्र द्वारा दोनों हाथों से जल नीचे जमीन पर छोड़ते जाएं।

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ध्यान यह रखना चाहिए कि सूर्य देव को जल अर्पित करते समय जल पात्र सीने के सामने हो। संभव हो तो जल अर्पित करते हुए पात्र को कंधो से ऊपर तक ले जाने का प्रयास करें। पात्र द्वारा नीचे गिरने वाली जलधारा में सूर्य के प्रतिबिम्ब को देखने का प्रयास करना चाहिए।

सूर्य मंत्र 

सूर्य देव को अर्ध्य देते समय अनवरत सूर्य देव के इस मंत्र का जप करते रहना चाहिए। मंत्र है- “ॐ सूर्याय नमः”। सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद नीचे झुककर जल को स्पर्श करें और अंत में सीधे खड़े होकर हाथ जोड़कर सूर्यदेव को प्रणाम करें।

सूर्य देव को जल अर्पित करने का सबसे उत्तम समय सूर्य उदय से लेकर इसके एक घंटे बाद तक होता है। इसलिए इस अवधि में ही सूर्यदेव को अर्ध्य देने का प्रयास करना चाहिए।

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रविवार का दिन सूर्य देव आराधना के लिए विशेष माना गया है, यदि समय का अभाव रहते आप नियमित सूर्यदेव को अर्घ्य नहीं दे पाते हैं तो रविवार के दिन सूर्य देव को अर्ध्य जरुर देना चाहिए।

सूर्य मन्त्र के जाप से होने वाले लाभ

  • रोग कैसा भी क्यों न हो सूर्य देव की विधिवत आराधना से रोग से मुक्ति मिलने लगती है।
  • मानसिक व्याधियों (चिंता, तनाव, अवसाद, नकारात्मक सोच) से मुक्ति मिलने लगती है। सूर्य देव की पूजा से जीवन में सकारात्मक उर्जा का संचार होने लगता है।
  • सूर्य देव की पूजा से मन से अहंकार, हीन भावना, ईर्ष्या के भाव दूर होते हैं।
  • जन्म कुंडली में सूर्य दोष होने पर सूर्य देव की आराधना करना विशेष रूप से फलदायी माना गया है। ऐसे व्यक्ति को नियमित रूप से सूर्य देव की आराधना करनी चाहिए।

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  • सूर्य देव की आराधना से नौकरी में आई अड़चन दूर होती है व साथ ही नौकरी में पदौन्नति के अवसर प्राप्त होते है।
  • जो व्यक्ति सम्पूर्ण जीवन सूर्य देव की आराधना करते हैं, उन्हें जल अर्पित करते हैं, उनके चहरे पर सैदव तेज रहता है। ऐसे व्यक्ति में दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता विकसित होने लगती है।
  • सूर्य देव की नित्य अराधना करने वाला व्यक्ति स्वभाव से निडर और शरीर से बलवान बनता है ।

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