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Shivratri 2019 Date And Time : जानें शिवरात्रि 2019 में कब है एवं शुभ मुहूर्त

Shivratri 2019 Date And Time : सावन शिवरात्रि 2019 में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त सुबह 9:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक है। जबकि कांवड़ जल भरने का समय 18 जुलाई 2019 को सुबह 5:36 से 7:19 तक रहेगा। उसके बाद कांवड़ में जल भरने का शुभ समय 11 बजे से शाम 3:30 तक और फिर शाम 5:36 से 7 बजे तक कांवड़ यात्रा वाले कांवड़िये कांवड़ में जल भर सकते हैं।

Shivratri 2019 Date And Time : जानें शिवरात्रि 2019 में कब है एवं शुभ मुहूर्त

Savan Shivratri 2019 Date And Time (सावन शिवरात्रि 2019 में जल चढ़ाने का दिन समय) भगवान शिव का पावन महीना श्रावण मास, सावन में पड़ने वाली शिवरात्रि को सावन शिवरात्रि कहा जाता है। सावन मास की शिवरात्रि 30 जुलाई 2019 को है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार सावन शिवरात्रि में भगवान शंकर पर जल चढ़ाने महादेव भक्त को मनचाहा फल दे देते हैं। सावन शिवरात्रि 2019 में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त सुबह 9:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक है। जबकि कांवड़ जल भरने का समय 18 जुलाई 2019 को सुबह 5:36 से 7:19 तक रहेगा। उसके बाद कांवड़ में जल भरने का शुभ समय 11 बजे से शाम 3:30 तक और फिर शाम 5:36 से 7 बजे तक कांवड़ यात्रा वाले कांवड़िये कांवड़ में जल भर सकते हैं।


क्या है शिवलिंग का रहस्य

भगवान शिव की लिंग स्वरूप में पूजा की जाती है। क्योंकि शिवलिंग ब्राह्मांड की ही आकृति है। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग भगवान शिव और माता पार्वती का आदि - अनादि का ही एक रूप है और पुरुष की प्रकृति की समानता को दर्शाता है। जिसके अनुसार शिवलिंग हमें यह बताता है कि संसार में सिर्फ पुरुष ही नही बल्कि स्त्री का भी पुरुष के बराबर ही आस्तितव है। दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। पुराणों में भी इसका जिक्र किया गया है। जिसमें संसार की उत्पत्ति के कारण को परब्रह्म कहा गया है। इसमें शिव को पुरुष और निराकार ब्रह्म कहा गया है। इसी के प्रतीक के रूप में शिवलिंग की पूजा की जाती है।


Shivratri 2019 Date And Time : शिवरात्रि 2019 में कब है, महाशिवरात्रि कब है 2019 में अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो आपको बता दें कि फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आरंभ समय सायं 16:28 बजे 4 मार्च 2019 को महाशिवरात्रि 2019 (Mahashivratri 2019) है, जबकि 2075 विक्रम संवत के अनुसार महाशिवरात्रि 2019 का व्रत शिव योग, नक्षत्र धनिष्ठा में मगलवार, 5 मार्च 2019 को रखा जाएगा।

शिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग ये है कि इस दिन सोमवार है और सोमवार को भगवान शिव की आराधना का दिन होता है और हर महीने शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन साल में केवल एक बार ही महाशिवरात्रि आती है। महाशिवरात्रि क्यों मनाई जताई है अगर आपके आपके मन में भी यही सवाल है तो आपको बता दें कि फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि पर शिव पार्वती का विवाह हुआ था जिसे महाशिवरात्रि पर्व के रूप में मनाया जाता है।

शिवजी की पूजा विधि बहुत ही सरल होती है। शिवलिंग पर एक लौटा जल चढ़ाने मात्रा से मनुष्य का सफल हो जाता है। अगर आपके पास जल चढ़ाने का भी समय नहीं है तो बस एक बार सच्चे मन से भगवान शिव जी को याद कर लें तो शिव प्रसन्न हो जाते हैं और मन चाहा वरदान दे देते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार भगवान शिव जी की पूजा सामग्री में बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर और गंगाजल से जलाभिषेक करने मात्र से बेड़ापार हो जाता है।

महाशिवरात्रि पर्व तिथि व शुभ मुहूर्त 2019

महाशिवरात्रि 2019 : 4 मार्च 2019

निशिथ काल पूजा- 24:07 से 24:57

पारण का समय- 06:46 से 15:26 (5 मार्च)

चतुर्दशी तिथि आरंभ- 16:28 (4 मार्च)

चतुर्दशी तिथि समाप्त- 19:07 (5 मार्च)


महाशिवरात्रि का महत्व

शिव रात्रि का सामान्य भाषा में अर्थ शिव की रात से होता है। हिन्दू पचांग के मुताबिक, हर चंद्र मास के चौदहवें दिन को शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। एक कैलेंडर वर्ष में आने वाली सभी शिवरात्रियों के अलावा फरवरी-मार्च में महाशिवारात्रि और शिव के सबसे पसंदीदा माह में आने वाली शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व सबसे ज्यादा होता है। क्योंकि शिवरात्रि पर ग्रह का उत्तरी गोलार्द्ध कुछ ऐसी स्थिति में होता है कि मनुष्य में ऊर्जाएं सहज ही ऊपर की ओर बढ़ती है।

जिससे मनुष्य को उसके आध्यात्मिक शिखर तक जाने में सहायता करती है। इसलिए अधिकांश साधक शिवरात्रि पर रात में साधना करके स्वयं को शिव से एकात्मकता का अनुभव करने की कोशिश करते हैं और स्वयं की पारिवारिक,सांसारिक महत्वाकांक्षाओं को शून्य कर देते हैं। वैसे तो शास्त्रों में भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए सावन का महीना सबसे शुभ माना जाता है। सावन में भगवान शिव की पूजा और उसका महत्व बहुत बहुत ही मात्र से ही सारी मनोवांछित कामनाएं पूर्ण हो जाती है।

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