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Shardiya Navratri 2019 : शारदीय नवरात्रि पर कैसे करें घटस्थापना, जानें माता की चौकी लगाने का तरीका

Shardiya Navratri 2019 शारदीय नवरात्रि 2019 में 29 सितंबर से प्रारंभ हो रहे हैं, नवरात्रि पर घटस्थापना कलश स्थापना (Kalashsthapana Vidhi) को महत्वपूर्ण माना जाता है तो आइए जानते हैं नवरात्रि पर घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, घटस्थापना विधि (Ghatasthapana Timing Method), मां दुर्गा की चौकी की स्थापना (Maa Durga Chowki Sthapna Vidhi) और मां दुर्गा के नौ रूपों के बारे में..

Navratri 2019 : नवरात्रि पर जानिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, घटस्थापना विधि,  मां दुर्गा की चौकी की स्थापना और मां दुर्गा के नौ रूपNavratri 2019 Ghatasthapana Date and Time Ghatasthapana Vidhi Maa Durga Chowki Sthapna And Maa Durga ke No Roop

Navratri 2019 नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा करने से पहले घटस्थापना की जाती है। घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त , घटस्थापना विधि जानना अति आवश्यक है। इसके अलावा मां दुर्गा (Maa Durga) की चौकी की स्थापना और मां दुर्गा के नौ रूप को बारे में जानना भी बहुत जरूरी है। नवरात्रि (Navratri) के पूरे नौ दिन मां दुर्गा के भक्त मां की पूजा में लीन रहते हैं और मां दुर्गा से अपने मंगल की कामना करती है। क्योंकि नवरात्रि में मां अपने भक्तों की सभी इच्छाओं की पूर्ति करती है तो आइए जानते हैं नवरात्रि पर घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, घटस्थापना विधि , मां दुर्गा की चौकी की स्थापना और मां दुर्गा के नौ रूपों के बारे में..


घटस्थापना मुहूर्त 2019 शुभ मुहूर्त (Ghatasthapana 2019 Subh Muhurat)

घटस्थापना मुहूर्त - सुबह 6 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट से (29 सितंबर 2019)

घटस्थापना अभिजित मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 47 से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक (29 सितंबर 2019)


घटस्थापना सामग्री (Ghatasthapana Samigri)

घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश, कलश में भरने के लिए शुद्ध जल या गंगाजल, कलश पर बांधने के लिए मोली,इत्र,कलश पर रखने के लिए सिक्के,अशोक या आम के 5 पत्ते,कलश को ढकने के लिए ढक्कन,ढक्कन में रखने के लिए साबूत चावल, एक जटा वाला नारियल, नारियल पर लपेटने के लिए चुनरी या लाल कपडा,फूल माला,जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र,जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी,पात्र में बोने के लिए जौ


घटस्थापना विधि (Ghatasthapana Vidhi)

कलश स्थापना से पहले जौ को बोया जाता है। इसके लिए एक मिट्टी के बर्तन में मिट्टी बिछांए। इसके बाद उसके ऊपर जौ बिछाएं। इसके बाद एक बार फिर से मिट्टी की एक और परत बिछाएं और फिर से जौ की उस मिट्टी के ऊपर डालें। जिससे जौ कलश के नीचे न दबें। अंत में एक बार फिर से मिट्टी की एक और परत बिछाएं। इसके बाद कलश के मुख पर मोली बांधे।

इसके बाद कलश में गंगा जल भरें। अगर आपके पास गंगाजल न हो तो आप इसमें सादा जल भी भर सकते हैं। इसके बाद कलश में साबूत सुपारी डालकर थोड़ा सा इत्र छिड़कें। इसके बाद कलश के अंदर कुछ सिक्के डालें। सिक्के डालने के बाद उस पर अशोक या आम के पांच पत्ते रखें। इसके बाद उस कलश का मुख ढंक दें। इसके बाद कलश के ढक्कन पर एक मुट्ठी चावल रखें।

इसके बाद नारियल पर माता की चुनरी या लाल कपड़े को मोली के द्वारा लपेटें। इसके बाद नारियल को कलश पर स्थापित कर दें। अंत में कलश को जौं के पात्र के बीच में रख दें। इसके बाद कलश में सभी देवताओं का आह्वाहन करें । मां दुर्गा के साथ- साथ सभी देवों से कहें कि कृपया करके आप नौ दिनों के लिए आप इस कलश में पधारें। कलश की स्थापना करने के बाद उसका घी का दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। कलश को धूपबत्ती दिखाएं। माला अर्पित करें। कलश को फल, फूल, मिठाई और इत्र अर्पित करें।


मां दुर्गा की चौकी की स्थापना ( Maa Durga Ki Chowki Sthapna)

नवरात्रि के आरंभ में ही मां दुर्गा की स्थापना की जाती है। इसके लिए आपको एक चौकी लेनी चाहिए। उस पर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए और उस पर लाल कपड़ा बिछाना चाहिए। चौकी को हमेशा कलश के दायीं और ही स्थापित करें इसके बाद मां दुर्गा की मूर्ति, फोटो या फ्रेम किया हुआ कोई चित्र उस चौकी पर स्थापित करना चाहिए। इसके बाद मां को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। उन्हें श्रृंगार का सभी समान अर्पित करना चाहिए और मां से प्रार्थना करनी चाहिए कि हे मां कृपया करके आप नौ दिनों तक इस चौकी पर विराजमान रहकर मेरी पूजा को स्वीकार करें। उसके बाद मां को फूलों की माला, फल, मिठाई, इत्र अर्पित करके विधिवत पूजा करनी चाहिए।


नवरात्रि पर मां दुर्गा नौ रूप (Navratri Per Maa Durga Ka No Roop)

पहला नवरात्र- शैलपुत्री

दूसरा नवरात्र - ब्रह्मचारिणी

तीसरा नवरात्र चंद्रघंटा

चौथा नवरात्र - कूष्मांडा

पांचवा नवरात्र- स्कंदमाता

छठा नवरात्र- देवी कात्यायनी

सांतवां नवरात्र- कालरात्रि

आठवां नवरात्र- महागौरी

नवां नवरात्र- सिद्धिदात्री

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