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सरस्वती पूजा 2019: जानिए क्या है सरस्वती पूजा का महत्व

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Feb 9 2019 10:39AM IST
सरस्वती पूजा 2019: जानिए क्या है सरस्वती पूजा का महत्व

बसंत पंचमी (Basant Panchami 2019) का त्योहार (Festival) कल यानी रविवार को मनाया जाएगा। उत्तर भारत (North India) के कई राज्यों में बसंत पंचमी (Basant Panchami) और सरस्वती पंचमी (Saraswati Panchami) के नाम से जानी जाने वाली ये पंचमी नौ फरवरी (9 February) यानी आज मनाई जाएगी। बसंत पंचमी का त्योहार विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती (Maa Saraswati) को समर्पित है। बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन माता सरस्वती की आराधना (Worship) की जाती है। शास्त्रों के मुताबिक बसंत पंचमी माघ मास (Magh Mass) की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे कुंभ में बसंत पंचमी के दिन शाही स्नान भी होगा। माता सरस्वती को ज्ञान, कला और संगीत की देवी कहा जाता है और इस दिन उनकी पूजा की जाती है। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग (Yellow Colour) का बेहद खास महत्व (Improtance) होता है। इसी दिन लोग पीले कपड़े (Yellow Cloth) पहनकर बसंत पंचमी का स्वागत (Wealcome) करते हैं।

बसंत पंचमी के दिन पीले रंग और सरस्वती पूजा का महत्व

बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का बहुत महत्व है, इस दिन पीला रंग बहुत शुभ माना जाता है। पीला रंग मां सरस्वती को बहुत प्रिय भी है। पीले रंग के पीछे दो महत्वपूर्ण कराण माने जाते हैं।

* बसंत पंचमी पर पीले रंग का पहला महत्वपूर्ण कारण यह कि बसंत को ऋतुओं का माना जाता है। इस दिन सर्दियां के समाप्त होकर मौसम सुहाना होना शुरू हो जाता है और पेड़-पौधों पर नई पत्तियां, फूल-कलियां खिलने शुरू हो जता हैं। सरसों की फसल से धरती पीली नजर आने लगती है। इसी दिन लोग पीले कपड़े पहनकर बसंत पंचमी का स्वागत करते हैं।

* बसंत पंचमी पर पीले रंग का दूसरा महत्वपूर्ण कारण यह है कि मान्यता के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन सूर्य उत्तरायण होता है। जिस कारण सूर्य की किरणे पीली दिखती है और यह इस बात का प्रतीक है कि सूर्य की तरह गंभीर और प्रखर बनना चाहिए। इन्हीं दो कारणों की वजह से बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का खास महत्व रहता है। 

पूजा में करें ये चीजे शामिल, मिलेगा मनचाहा वरदान

बसंत पंचमी के दिन विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को सफेद और पीले रंग के फूल, पीले रंग की बूंदी का पकवान, पीले रंग का वस्त्र, कलम और केसर के साथ पीले चंदन अत्यधिक प्रिय है। मां सरस्वती के भक्त पूजा के दौरान ये सभी जीचें उन्हें अर्पित करते हैं। मां सरस्वती बहुत प्रसन्न होती हैं और मनचाहा वरदान देतीं हैं।

बसंत पंचमी का महत्व

पुराणों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन भगवान श्री कृष्ण ने माता सरस्वती से खुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि इसी दिन तुम्हारी आराधना होगी। इसके अलावा श्री कृष्ण ने एक और वरदान दिया था। वह वरदान था कि ज्ञान, कला और विद्या की देवी के रूप में पूजा संपूर्ण स्थानों पर होगी।


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