Top

ऋषि पंचमी 2018: ऋषि पंचमी व्रत कथा, पूजा के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलती- वरना होगा भारी नुकसान

टीम डिजिटल/ हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 11 2018 11:13AM IST
ऋषि पंचमी 2018: ऋषि पंचमी व्रत कथा, पूजा के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलती- वरना होगा भारी नुकसान

भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी का उपवास रखा जाता है। इस बार ऋषि पंचमी 14 सितंबर, दिन शुक्रवार को है। इस दिन महिलाएं सप्त ऋषियों की पूजा करती हैं। हालांकि ज्यादातर महिलाएं इस व्रत के बारे में नहीं जानती है और वर्ष भर गलतियां करती ही रहती हैं और जो महिलाएं जानती भी हैं वो ये भूल कर बैठती हैं। 

इसे भी पढ़ेः 11 सितंबर राशिफल: जानिए क्या शुभ और अशुभ होगा आज, राशि के अनुसार ये है शुभ रंग और अंक

पूजा करते समय नियमों में जाने-अनजाने में भूल होने पर घर में धीरे-धीरे कलह का वातावरण निर्मित हो जाता है और सुख-शांति भंग होने लगती है। यदि आप इससे बचना चाहते हैं तो पूजा करते समय भूल कर भी ये गलती नहीं करनी चाहिए। 
 
सप्त ऋषियों की स्थापना करने से पहले आपको सफेद वस्त्र ही धारण करना चाहिए। 
 
इनकी पूजा करते समय गोघ्रत की आहुतियां देना बहुत आवश्यक है। ऐसा नहीं करने से ऋषि नाराज हो सकते हैं।
 
उवपास के दौरान हल की जुताई वाले अनाज व्रत में शामिल न करें। महावारी का समय समाप्त होने के बाद इसका उद्यापन करें। 

ऋषि पंचमी कथा

बहुत समय पहले की बात है। एक राज्य में एक ब्राह्मण परिवार रहता था। इस परिवार का धर्म के प्रति गहरा लगाव था और ये धर्म पालन में बहुत ही अग्रणी थे। इस ब्राह्मण पति-पत्नी ने अपनी पुत्री का विवाह एक कुलीन परिवार में किया। कुछ समय बाद किसी कारणवश दामाद की मौत हो गई और उसकी बेटी विधवा हो गई। 
 
 
बेटी के विधवा होने के बाद ये परिवार बहुत दुखी हो गया। समाज के डर से ये परिवार अपनी बेटी सहित गंगा नदी के किनारे कुटिया बना कर रहने लगा। कुछ समय बाद बेटी की भी तबियत खराब हो गई और उसके शरीर में कीड़े पड़ गए। इससे ब्राह्मण परिवार और भी दुखी हो गया।
 
लड़की की मां ने जब अपने पिता से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि तुम्हारी बेटी ने पूर्व जन्म में माहवारी के समय बर्तनों को छू दिया था। उसी के श्राप के कारण तुम्हारी लड़की की ऐसी दशा हुई है।
 
इसके बाद उन्होंने इससे निबटने के लिए उपाय बताया। उन्होंने ऋषि पंचमी के दिन उपवास करने के लिए कहा और पूजा विधि भी बताई। पूजा करने के बाद इस ब्राह्मण में फिर से खुशिया लौट आई और इस व्रत के असर के बाद बेटी को अगले जन्म में पूर्ण सौभाग्य प्राप्त हुआ। 
 

ऋषि पंचमी शुभ मुहूर्त

17 सितंबर दिन शुक्रवार को सुबह 11: 09 से दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक यानी 2 घंटे 24 मिनट तक पूजा का मुहूर्त है।

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
rishi panchami 2018 rishi panchami vrat katha and worship method

-Tags:#Rishi Panchami 2018#Rishi Panchami#Rishi Panchami Vrat#Rishi Panchami story

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo