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Ravidas Jayanti Photos : संत रविदास के दोहे में छुपी है संसार की हर एक बात, जानें यहां

आज संत रविदास जी की 642 वीं जयंती मनाई जा रही है। इस दिन माघ पूर्णिमा भी मनाई जाती है। वहीं प्रयागराज कुंभ में पांचवां शाही स्नान भी है।

Ravidas Jayanti Photos : संत रविदास के दोहे में छुपी है संसार की हर एक बात, जानें यहां
Ravidas Jayanti photo 2019
आज संत रविदास जी (Sant Ravidas) की 642 वीं जयंती मनाई जा रही है। इस दिन माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) भी मनाई जाती है। वहीं प्रयागराज कुंभ (Prayagraj Kumbh) में पांचवां शाही स्नान (Shahi Snan) भी है। जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर डुबकी लगा रही है। संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था और उनकी माता का नाम कलसा देवी और पिता का नाम श्रीसंतोख दास जी था। संत रविदास ने संसार की हर एक बात को उन्होंने अपनी कविताओं, दोहों और मुहावरों में बताई। आप भी इस खास मौके पर संत रविदास के दोहों को सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिलै सबन को अन्न।
छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहै प्रसन्न।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो आस।
कर्म मानुष का धर्म है, सत् भाखै रविदास।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

कृस्न, करीम, राम, हरि, राघव, जब लग एक न पेखा।
वेद कतेब कुरान, पुरानन, सहज एक नहिं देखा।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

कह रैदास तेरी भगति दूरि है, भाग बड़े सो पावै।
तजि अभिमान मेटि आपा पर, पिपिलक हवै चुनि खावै।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

गुरु मिलीया रविदास जी दीनी ज्ञान की गुटकी।
चोट लगी निजनाम हरी की महारे हिवरे खटकी।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात।
रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

जा देखे घिन उपजै, नरक कुंड मेँ बास।
प्रेम भगति सों ऊधरे, प्रगटत जन रैदास।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच।
नर कूँ नीच करि डारि है, ओछे करम की कीच।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

रैदास कनक और कंगन माहि जिमि अंतर कछु नाहिं।
तैसे ही अंतर नहीं हिन्दुअन तुरकन माहि।।

Ravidas Jayanti ke Dhohe Photos / संत रविदास के दोहे

रैदास कहै जाकै हृदै, रहे रैन दिन राम।
सो भगता भगवंत सम, क्रोध न व्यापै काम।।
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