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Phulera Dooj 2020 Mein : फुलेरा दूज पर करें विवाह, नहीं देखना होगा कोई शुभ मुहूर्त

Phulera Dooj 2020 Mein : फुलेरा दूज (Phulera Dooj) का दिन फाल्गुन मास का सबसे ज्यादा शुभ दिन माना जाता है, यह दिन विवाह के लिए सबसे ज्यादा शुभ होता है, फुलेरा दूज के दिन राधा कृष्ण (Radha Krishna) के प्रेम को इसी दिन स्वीकृति भी मिली थी तो चलिए जानते हैं फुलेरा दूज पर विवाह करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त क्यों नहीं देखा जाता।

Phulera Dooj 2020 Mein : फुलेरा दूज पर करें विवाह ,नहीं देखना होगा कोई शुभ मुहूर्तPhulera Dooj 2020 Mein : फुलेरा दूज पर करें विवाह ,नहीं देखना होगा कोई शुभ मुहूर्त
Phulera Dooj 2020 Mein : फुलेरा दूज का त्योहार (Phulera Dooj Festival) मथुरा और वृंदावन में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। मथुरा और वृंदावन में फुलेरा दूज से होली प्रारंभ हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार यह दिन अत्यंत ही शुभ होता है। इसी कारण से इस दिन सबसे अधिक विवाह भी होते हैं। फुलेरा दूज का पर्व साल 2020 में 25 फरवरी 2020 (25 February 2020) को मनाया जाएगा तो चलिए जानते हैं फुलेरा दूज पर विवाह करने के लिए कोई शुभ मुहूर्त क्यों नहीं देखा जाता।

फुलेरा दूज पर विवाह (Phulera Dooj Vivah)

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है। जिसे फुलेरिया दूज (Phuleria Dooj) के नाम से भी जाना जाता है। इसे फाल्गुन मास में सबसे ज्यादा पावन दिन माना जाता है। मथुरा और वृंदावन में इस दिन को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार को फूलों का त्योहार (Phoolo Ka Tyohar) भी कहा जाता है। इस दिन राधा और कृष्ण को अबीर और गुलाल अर्पित किया जाता है। इस दिन से ही होली की शुरुआत भी हो जाती है।

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फुलेरा दूज का दिन सभी दोषों से मुक्त माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार फुलेरा दूज का दिन विवाह के लिए अत्यंत ही शुभ माना जाता है।यदि आप विवाह करना चाहते हैं और आपको कोई शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा है तो भी आप आंख बंद करके इस दिन विवाह कर सकते हैं। यह दिन सभी कामों के लिए शुभ माना जाता है। इसी कारण से फुलेरा दूज के दिन सबसे ज्यााद विवाह होते हैं। शास्त्रों के अनुसार भी इस दिन किसी भी प्रकार का कोई शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती क्योंकि यह दिन अपने आप में सबसे ज्यादा सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।


इस दिन जो भी जातक जातिका विवाह करता है। उसके जीवन में सदा ही सुख और प्रेम बरकरार रहता है। इतना ही नहीं इस दिन यदि कोई पति या पत्नी एक साथ राधा- कृष्ण की पूजा करते हैं तो उन्हें वैवाहिक सुख तो प्राप्त होता ही है। इसके साथ उनके जीवन में प्रेम भी बढ़ता है। यदि आप विवाह के अलावा भी कोई शुभ और मांगलिक कार्य करना चाहते हैं तो भी आप इस दिन कर सकते हैं। इस दिन किसी भी शुभ और मांगलिक काम को करने से उसके कई गुना लाभ प्राप्त होते हैं।

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फुलेरा दूज का यदि दिन राधा और कृष्ण को समर्पित है।यदि आप भगवान श्री कृष्ण और राधा जी के भक्त हैं तो यह दिन उनकी पूजा के लिए सबसे ज्यादा श्रेष्ठ माना जाता है। इसी दिन राधा कृष्ण की रंग - बिरंगे फूलों से पूजा की जाती है। इतना ही नहीं यह दिन कृष्ण भक्तों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण होता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा जी की जो भी पूजा करता है। उसके जीवन से प्रेम कभी भी समाप्त नहीं होता। इसी कारण से इस दिन को सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।

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