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अग्नि पंचक: ''पंचक'' में भूलकर भी ना करें ये काम, वरना झेलने पड़ सकते हैं ये घातक परिणाम

अग्नि पंचक के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना निषेध माना गया है। ऐसा माना जाता है कि पंचक के पांच दोनों की अवधि में शुभ कार्य करने से उसमें बाधा उत्पन्न होती है

अग्नि पंचक:

अग्नि पंचक (Agni Panchak)के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना निषेध माना गया है। ऐसा माना जाता है कि पंचक के पांच दोनों की अवधि में शुभ कार्य करने से उसमें बाधा उत्पन्न होती है।

इस माह अशुभ पंचक 13 दिसंबर (गुरूवार) को प्रातः 06:10 से आरंभ हो रहा है। यह पंचक (Panchak) काल 18 दिसंबर (मंगलवार) सुबह 04:15 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घनिष्ठा नक्षत्र से लेकर रेवती नक्षत्र के अंत तक का समय बेहद अशुभ माना गया है।

इसे ही पंचक कहा जाता है। पंचक (पांच दिनों) का समय साल में कई बार आता है। शास्त्रों के अनुसार पंचक के इन पांच दोनों में कोई भी जरूरी कार्य नहीं किया जाए तो बेहतर होता है।
पंचक के दौरान किसी शुभ कार्य के लिए दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना बेहद अशुभ माना गया है। इसके अलावा न तो घर की छत यह खाट बनवानी चाहिए और ही इंधन का सामान इक्कठा करना चाहिए।
क्या होता है अग्नि पंचक (Agni Panchak Importance)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार से शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहा जाता है। मंगलवार से शुरू हुए पंचक के दौरान आग लगने का भय रहता है। जिसकी वजह से इस पंचक को शुभ नहीं कहा जाता है।
इस दौरान औजारों की खरीददारी, निर्माण या मशीनरी का कार्य नहीं करना चाहिए। इस दौरान कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों और अधिकार हासिल करने जैसे मसलों की पहल की जा सकती है। क्योंकि उनमें सफलता मिलने की संभावना होती है।
पंचक काल-अवधि (Panchak Kaal Time)
  • पंचक प्रारंभ 13 दिसंबर 2018 (गुरूवार)
  • प्रातः 06:10 बजे
  • पंचक समाप्त 18 दिसंबर 2018 (मंगलवार)
  • सुबह 04:15 बजे
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