Top

मोहर्रम 2018: मुहर्रम कब है, क्यों मनाते हैं और क्या है महत्व, एक क्लिक में जानिए

टीम डिजिटल/ हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 11 2018 3:10PM IST
मोहर्रम 2018: मुहर्रम कब है, क्यों मनाते हैं और क्या है महत्व,  एक क्लिक में जानिए

इस्लामी साल के पहले महीने की शुरूआत हो गई है। इसे हम मोहर्रम के नाम से जानते हैं और यह इस्लाम धर्म में विश्वास रखने वाले मुसलमानों का प्रमुख त्यौहार है। इसे उर्दू जुबान में हिजरी कहते हैं।

इस्लाम के चार पवित्र महीने में हिजरी को भी शामिल किया जाता है। वहीं मकरजी शिया चंद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने ऐलान किया है कि मोहर्रम का चांद अभी तक दिखाई नहीं दिया है इसलिए बुधवार को मोहर्रम की पहली तारीख मानी जाएगी। 

 
मोहर्रम को इमाम हुसैन की शहादत का प्रतीक माना गया है। इस दिन मुसलमान इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए शोक मनाते हैं और अपनी हर खुशी को त्याग देते हैं। 

मोहर्रम क्यों मनाते हैं- 

कहा जाता है कि इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह हुआ करता था जो इंसानियत का दुश्मन था। और तो और यजीद खुद को खलीफा मानता था और वह अल्लाह को भी नहीं मानता था।
 
यजीद चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन उसके गुट में शामिल हो जाएं लेकिन हुसैन को यह मंजूर नहीं था और उन्‍होंने यजीद के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया था। सन् 680 में कर्बला नामक स्थान मे एक धर्म युद्ध हुआ, जो पैगम्बर हजरत मुहम्म्द स० के नाती तथा इब्न ज़्याद के बीच हुआ। 
 
 
इस धर्म युद्ध में वास्तविक जीत हज़रत इमाम हुसैन की हुई। प‍र जाहिरी तौर पर इब्न ज़्याद के कमांडर शिम्र ने हज़रत हुसैन रज़ी० और उनके सभी 72 साथियो (परिवार वालोद्) को शहीद कर दिया था। जिसमें उनके छः महीने की उम्र के पुत्र हज़रत अली असग़र भी शामिल थे।
 
तभी से तमाम दुनिया के ना सिर्फ़ मुसलमान बल्कि दूसरी क़ौमों के लोग भी इस महीने में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का ग़म मनाकर उनकी याद करते हैं और शोक मनाते हैं।

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
muharram 2018 muharram kab hai ur kyo manate hai

-Tags:#Muharram 2018#Muharram News#Imam Husain#Karbala Yudh
mansoon
mansoon
mansoon

ADS

ADS

मुख्य खबरें

ADS

ADS

ADS

ADS

Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo