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Mokshada Ekadashi 2018: मोक्षदा एकादशी शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Dec 6 2018 3:29PM IST
Mokshada Ekadashi 2018: मोक्षदा एकादशी शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को पड़ती है। साल की 24 एकादशियों में मोक्षदा एकादशी विशेष महत्व का होता है। साल 2018 में मोक्षदा एकादशी 19 दिसंबर (बुधवार) को मनाई जाएगी।

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को पड़ती है। साल की 24 एकादशियों में मोक्षदा एकादशी विशेष महत्व का होता है। मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष की यह एकादशी अनेकों पापों को नष्ट करने वाली मानी जाती है।

साल 2018 में मोक्षदा एकादशी 19 दिसंबर (बुधवार)) को मनाई जाएगी। मोक्षदा एकादशी को दक्षिण भारत में वैकुण्ठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

मोक्षदा एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त (Mokshada Ekadashi Puja Vidhi)

  • मोक्षदा एकादशी के दिन तुलसी की मंजरी, धूप-दीप आदि से भगवान दामोदर का पूजन करना चाहिए।
  • इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन, भक्तिमय कार्यक्रम और नृत्य करते हुए जागरण करना चाहिए।

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  • इस दिन के व्रत का पारण भी समय से करना चाहिए। उपवास का पारण 20 दिसंबर को सुबह 9:39 से पहले करना उत्तम है।

मोक्षदा एकादशी महत्व (Mokshada Ekadashi Importance)

मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी के दिन ही कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीताका उपदेश दिया था। इसलिए यह तिथि गीता जयंती के नाम से विख्यात हो गई। इस दिन से गीता-पाठ का अनुष्ठान प्रारंभ करें और प्रतिदिन थोड़ी देर गीता पढ़ना अच्छा माना गया है।

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ऐसी मान्यता है कि गीतारूपी ज्ञान के प्रकाश से अंधकाररूपी अज्ञानता दूर होती है। साथ ही इस दिन श्री कृष्ण और गीता का पूजन भी शुभ फलदायक होता है। ब्राह्राण भोजन कराकर दान आदि कार्य करने से विशेष फल प्राप्त होते है।


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