Top

Makar Sankranti 2019: 14 जनवरी से पहले अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के रंग में रंगा Gujarat का आसमान

नरेंद्र सांवरिया | UPDATED Jan 11 2019 1:28PM IST
Makar Sankranti 2019: 14 जनवरी से पहले अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के रंग में रंगा Gujarat का आसमान

Makar Sankranti 2019 International Kite Festival (अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव

गुजरात (Gujarat) के अहमदाबाद (Ahmedabad) में हर साल अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव (International Kite Festival) का आयोजन 14 जनवरी 2019 (14 January 2019) महीने में उत्तरायण (मकर संक्रांति 2019) (Makar Sankranti 2019) के आस-पास होता है। राज्य सरकार की भागीदारी से आयोजित होने वाले इस महोत्सव की धूम देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। जानिए विस्तार से इस महोत्सव के बारे में।   

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव (International Kite Festival)

अपने देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग अवसरों पर पतंगें उड़ा कर अपनी खुशी जताने का रिवाज है। दिल्ली और आस-पास के इलाकों में जहां स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन के दिन पतंगबाजी होती है, वहीं पंजाब में वसंत पंचमी के दिन आसमान पतंगों से रंगीन हो उठता है तो वहीं गुजरात में सबसे ज्यादा पतंगें मकर संक्रांति के दिन उड़ाई जाती हैं, जिसे यहां उत्तरायण पर्व के नाम से जाना जाता है। उत्तरायण पर आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव को देखना अपने-आप में एक दिलकश और यादगार अनुभव है। नवरात्रि में गरबा और डांडिया महोत्सव से पहचाना जाने वाला सतरंगी गुजरात जनवरी में अपने अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव के लिए दुनिया भर में नाम कमा चुका है।

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति पर पतंगों से सूर्य को अर्घ्य (Makar Sankranti 2019 International Kite Festival)

उत्तरायण यानी मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करके उत्तरगामी होता है। सर्दी का प्रकोप कम होना शुरू होता है और फसलों के पकने के लिए सूर्य पर्याप्त ऊष्मा देने लगता है। अपने कृषि-प्रधान देश में इस अवसर को अलग-अलग प्रकार से मनाने की परंपरा है। कहीं यह लोहड़ी के तौर पर मनाया जाता है तो कहीं पोंगल के रूप में। मकर संक्रांति का यही पर्व गुजरात और महाराष्ट्र में उत्तरायण कहलाता है। इस अवसर पर पतंगें उड़ाने के पीछे मान्यता यह है कि पतंगों के जरिए सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का इतिहास (International Kite Festival History)

  1. (अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव) पूरे गुजरात में नवंबर के महीने से ही पतंगों की बहार छाने लगती है। गुजरात के कई शहरों में बाकायदा पतंग बाजार हैं, जो हर साल इन दिनों में गुलजार हो जाते हैं।
  2. (अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव) नवंबर से लेकर जनवरी तक गुजरात में पतंगें उड़ाने का रिवाज है लेकिन उत्तरायण यानी 14 जनवरी से एक हफ्ता पहले और बाद में तो जैसे पूरे गुजरात का आसमान ही पतंगमय हो उठता है।
  3. (अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव) गुजरात सरकार 1989 से हर वर्ष ‘अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव’ का आयोजन कर रही है और साल-दर-साल यह महोत्सव और ज्यादा बड़ा और भव्य होता जा रहा है।
  4. (अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव) इस साल यह आयोजन आज से 14 जनवरी तक होगा। पहले तो सिर्फ अहमदाबाद में यह आयोजित होता था, जहां के सरदार पटेल स्टेडियम में इसे मनाया जाता था।
  5. (अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव) लेकिन अब यह अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे एक विशाल मैदान में आयोजित किया जाता है। इसके अलावा दूसरे शहरों सूरत, वडोदरा, राजकोट, सापुतारा, भुज, कच्छ, पालनपुर, जामनगर, द्वारका, पावागढ़, वलसाड, गांधीधाम आदि में भी इसे आयोजित किया जाने लगा है।

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में देशी-विदेशी कलाकार (International Kite Festival Performance)

इस अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में देश-विदेश से नामी कलाकार आकर हिस्सा लेते हैं और पतंग बनाने और उड़ाने की अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। खासतौर से अहमदाबाद में होने वाले मुख्य आयोजन की छटा तो इस अवसर पर देखते ही बनती है। पिछले वर्ष 2018 में इस महोत्सव में गुजरात के 290, 18 अन्य राज्यों के 96 और भारत से बाहर के 44 देशों के 149 कलाकार ने अपनी अनोखी पतंगों और कला को प्रदर्शित किया। इस पतंग महोत्सव के चलते गुजरात में न सिर्फ सैलानियों की आवक बढ़ी है बल्कि यहां रोजगार और कमाई के अवसर भी बढ़े हैं। एक अनुमान के अनुसार गुजरात में पतंगें और उनसे जुड़े सामान बनाने का बाजार तकरीबन 600 करोड़ का हो चुका है और करीब सवा लाख लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इससे जुड़ कर लगभग तीन सौ करोड़ की कमाई कर रहे हैं। 

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव गुजरात (International Kite Gujarat)

पतंग महोत्सव के अवसर पर आसमान में परवाज भरती किस्म-किस्म की पतंगें देखने को मिलती हैं। देश-विदेश से आए कलाकार अपनी-अपनी पतंगों से आसमान को रंग-बिरंगा कर देते हैं। हथेली के आकार की छोटी-सी पतंग से लेकर 20 मीटर व्यास वाली विशाल गोलाकार पतंग तक। कहीं पति-पत्नी मिल कर पतंगें उड़ाते हैं तो कहीं छोटे-छोटे बच्चे अपने करतब दिखाते हैं। एक ही डोर से बीसियों, सैंकड़ों पतंगें उड़ाने वाले कलाकार भी यहां दिख जाते हैं। अलग-अलग साइज, डिजाइन और रंगों वाली ये पतंगें देखते ही देखते हवा से बातें करने लगती हैं। डेनमार्क के कलाकार हेनरिक जेनसन बताते हैं कि वह भारतीय दर्शकों को लुभाने के लिए खासतौर से कई रंगीन पतंगें डिजाइन करके लाते हैं। रूस के मारिया तोकारेवा कहते हैं कि उनके यहां की पतंगों में मछली और मेंढक के आकार की पतंगें ज्यादा होती हैं। भालू के आकार की पतंग उड़ाने वाले नासिक के नितेश बताते हैं कि ये पतंगें अलग तरह के मैटीरियल से बनाई जाती हैं और इनकी डोर भी अलग होती है। 

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव अहमदाबाद (International Kite Ahmedabad)

अहमदाबाद में साबरमती रिवर फ्रंट में विशाल मैदान में मुख्य पतंग महोत्सव का आयोजन होता है। इस मैदान को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्से में गीत-संगीत-नृत्य दूसरे में कलाकार पतंगे उड़ाते हैं और दर्शक चारों तरफ खड़े होकर उनके करतब देखते हैं। तीसरे हिस्से में विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनियां, खाने-पीने, हस्तशिल्प आदि के स्टॉल लगाए जाते हैं, जहां लोग विभिन्न राज्यों के खान-पान और सामान की खरीदारी का आनंद लेते हैं।

खास बात यह भी है कि इस उत्सव को देखने के लिए किसी तरह की टिकट नहीं लेनी पड़ती है। इस महोत्सव के लिए महीनों पहले ही देश-विदेश के सैलानी अहमदाबाद आने की योजना बनाना शुरू कर देते हैं। आसमान में बुलंद हौसले के साथ उड़ती पतंगों को देख कर आनंदित होने का यह उत्सव है ही कुछ ऐसा!


ADS

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )

ADS

मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo