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Mahashivratri 2019 : महाशिवरात्रि पर जानें भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग के बारे में

इस साल महाशिवरात्रि 4 मार्च 2019 सोमवार के दिन मनाई जा रही है। इस त्योहार को भारतवर्ष में बेहद धूमधाम से मनाई जाता है। इस दिन सभी भक्‍त भोले को प्रसन्‍न करने के लिए व्रत रखते हैं और मंदिर में जाकर भगवान शिव के शिवलिंग पर जल, दूध और धतूरा आदि चढ़ाकर उनकी पूजा अर्चना करते हैं।

Mahashivratri 2019 : महाशिवरात्रि पर जानें भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग के बारे में
Mahashivratri 2019
महाशिवरात्रि (MahaShivratri) 4 मार्च 2019 सोमवार (Monday) के दिन मनाई जा रही है। इस त्योहार को भारतवर्ष में बेहद धूमधाम से मनाई जाता है। इस दिन सभी भक्‍त भोले को प्रसन्‍न करने के लिए व्रत रखते हैं और मंदिर में जाकर भगवान शिव के शिवलिंग पर जल, दूध और धतूरा आदि चढ़ाकर उनकी पूजा अर्चना करते हैं। कहते हैं कि शिवरात्रि हर महीने आती है है लेकिन साल में दो शिवरात्रि आती हैं एक फाल्गुन माह और दूसरी श्रवण माह में।
इस बार 4 मार्च 2019 सोमवार के दिन शाम 4 बजकर 28 मिनट पर शुभ मूहुर्त शुरु हो जाएगा। जो व्रत नक्षत्र के हिसाब से मगलवार, 5 मार्च 2019 को रखा जाएगा। बता दें कि इस बार हिंदू पंचांग के मुताबिक, महाशिवरात्रि पर अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव के शिवलिंग की सबसे ज्यादा पूजा अर्चना की जाती है। हम यहां आपको देश के उन्ही 12 ज्योतिर्लिंगों के बारे में बताने जा रहे हैं।

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

सोमनाथ

भगवान शिव का सोमनाथ ज्योतिर्लिंग गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। जिसे दुनिया का पहला ज्योतिर्लिंग कहा जाता है।

मल्लिकार्जुन

भगवान शिव का ये ज्योतिर्लिंग आन्ध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्री शैल नाम के पर्वत पर है। इस मंदिर की भी बहुत बड़ी मान्यता है। कहते हैं कि इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही पाप दूर हो जाते हैं।

महाकालेश्वर

भगवान शिव का ये ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिर उज्जैन में है। यह मंदिर भी विश्व में विख्यात है। महाकालेश्वर की पूजा का भी विशेष महत्व है।

ओंकारेश्वर

मध्य प्रदेश इंदौर में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थापित है। इस ज्योतिर्लिंग के पास से नर्मदा नदी बहती है। कहते हैं कि ज्योतिर्लिंग औंकार अर्थात ऊं का आकार लिए हुए है जिसकी वजह से इन्हें ओंकारेश्वर कहते हैं।

वैद्यनाथ

झारखण्ड के दुमका में भगवान शिव का वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग स्थित है।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग

तमिलनाडु के रामनाथ पुरं में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग स्थित है। ये चार धामों में से एक है। भगवान श्रीराम लंका पर चढ़ाई करने से पहले यहां पूजा अर्चना की थी।

भीमाशंकर

महाराष्ट्र के पूणे में सह्याद्रि पर्वत पर भगवान शिव का ये ज्योतिर्लिंग है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम भी कहा जाता है। इस शिवलिंग की पूजा और दर्शन मात्र से ही सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं।

नागेश्वर

गुजरात के द्वारिका में नागेश्वर ज्योतिर्लिंग है। धर्म शास्त्रों में भगवान शिव नागों के देवता कहा गया है।

काशी विश्वनाथ

उत्तर प्रदेश के वारणसी में बाबा विश्वनाथ का ज्योतिर्लिंग है। काशी धर्म स्थल है जहां लोग अपने पाप धोने के लिए आते हैं।

त्र्यंबकेश्वर

महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग है। ये ब्रह्मा गिरि नाम का पर्वत है।

केदारनाथ

ये ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड के केदारनाथ में स्थित है। जो भगवान शिव के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। शिव पुराण में इस शिवलिंग का उल्लेख है।

धृष्णेश्वर

महाराष्ट्र के संभाजीनगर के समीप दौलताबाद में धृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में ये अंतिम शिवलिंग है जो इसके साथ विश्व विख्यात है। ये शिवलिंग दुनिया में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में है। इस तीर्थ स्थलों पर लाखों भक्त भगवान की पूजा अर्चना करते हैं।
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