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Mahashivratri 2019 Date : जानें महाशिवरात्रि कब है 2019 में, महाशिवरात्रि महत्व एवं महाशिवरात्रि पूजा विधि

फाल्गुन मास में इस साल 2019 में महाशिवरात्रि 2019 तिथि (Mahashivratri 2019 Tithi) 4 मार्च 2019, सोमवार को सायं 16:28 बजे से आरंभ होगी, जबकि महाशिवरात्रि का व्रत 2075 विक्रम संवत के अनुसार महाशिवरात्रि 2019 का व्रत शिव योग, नक्षत्र धनिष्ठा में मगलवार, 5 मार्च 2019 को रखा जाएगा।

Mahashivratri 2019 Date : जानें महाशिवरात्रि कब है 2019 में, महाशिवरात्रि महत्व एवं महाशिवरात्रि पूजा विधि

Maha Shivaratri 2019 Date time tithi: महाशिवरात्रि कब है 2019 (Mahashivratri Kab hai 2019) और महाशिवरात्रि 2019 डेट गूगल पर सर्च कर रहे हैं तो आपको बता दें कि फाल्गुन मास में इस साल 2019 में महाशिवरात्रि 2019 तिथि (Mahashivratri 2019 Tithi) 4 मार्च 2019, सोमवार को सायं 16:28 बजे से आरंभ होगी, जबकि महाशिवरात्रि का व्रत 2075 विक्रम संवत के अनुसार महाशिवरात्रि 2019 का व्रत शिव योग, नक्षत्र धनिष्ठा में मगलवार, 5 मार्च 2019 को रखा जाएगा। इस महाशिवरात्रि पर अद्भुत संयोग के कारण महाशिवरात्रि का व्रत रखने वालों को कई गुना ज्‍यादा पुण्‍य प्राप्‍त होगा। शिवभक्त शिव आराधना कर शिवलिंग पर बेल-पत्र अर्पित करें तो भगवान शिव से मनचाहा वरदान प्राप्त हो सकता है।

महाशिवरात्रि का महत्‍व

शिवरात्रि हर महीने आती है, लेकिन महाशिवरात्रि साल में केवल एक ही दिन फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन आती है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि

पर शिवलिंग की उत्पत्ति और शिव-पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए इस महा पर्व को महाशिवरात्रि कहते हैं। महाशिवरात्रि को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। पौराणिक कथाओं में

महाशिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि में भगवान शिवलिंग (प्रतीक) के रूप में प्रकट हुए थे। जबकि हिन्दू मान्यताओं की मानें तो महाशिवरात्रि का पर्व शिव पार्वती विवाह के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

महाशिवरात्रि पूजा विधि

महाशिवरात्रि की पूजा विधि अनुसार करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।

महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले स्वच्छ पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।

स्नान आदि से निवृत्त होकर हाथ में चावल लेकर महाशिवरात्रि व्रत का संकल्प करें।

महाशिवरात्रि व्रत का संकल्प लेने के बाद शिवलिंग पर पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें।

शिव जी का अभिषेक करने के बाद पंचामृत से शिव परिवार को स्नान कराएं और बेल-पत्र चढ़ाएं।

इसके बाद शिव परिवार को वस्त्र अर्पित करें और सफेद पुष्प की माला या फूल शंकर जी पर चढ़ा दें।

शिव जी को सफेद फूल अर्पित करने के बाद जानेव जरूर चढ़ाएं और फिर शिवलिंग पर गुलाब का इत्र छिड़कें।

इसके बाद धूप-दीप से भगवान शिव की पूजा करें और शिव चालीसा का पाठ करें और शिव मंत्र का जाप करें।

अगर आपके पास समय का अभाव है तो सिर्फ एक लोटा जल शिवलिंग पर चढ़ा देने भर से ही आपका बेड़ा पार हो जाएगा।

शिव मंत्र

ॐ शिवाय नमः

Om Shivaya Namah

ॐ शंकराय नमः

Om Shankaraya Namah

ॐ सहस्राक्षाय नमः

Om Sahasrakshaya Namah

ॐ सहस्रपदे नमः

Om Sahasrapade Namah

ॐ अपवर्गप्रदाय नमः

Om Apavargapradaya Namah

ॐ अनन्ताय नमः

Om Anantaya Namah

ॐ तारकाय नमः

Om Tarakaya Namah

ॐ परमेश्वराय नमः

Om Parameshwaraya Namah

ॐ महेश्वराय नमः

Om Maheshwaraya Namah

ॐ पिनाकिने नमः

Om Pinakine Namah

ॐ विष्णुवल्लभाय नमः

Om Vishnuvallabhaya Namah

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