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Kharmas 2019 : खरमास 2019 आरंभ, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक ये कार्य वर्जित, जानें क्या करें और क्या नहीं

सु्र्य के इसी गोचर के साथ खरमास 2019 (Kharmas 2019) का आरंभ भी हो जाएगा। खरमास का समय एक महीने तक रहेगा । इस समय किसी भी मांगलिक कार्य को करना वर्जित माना जाता है। सुर्य मीन राशि में 14 अप्रैल 2019 तक रहेंगे। इसके बाद यह मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे. सुर्य के मेष राशि में आने क बाद एक बार फिर से सभी मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे।

Kharmas 2019 : खरमास 2019 आरंभ, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक ये कार्य वर्जित, जानें क्या करें और क्या नहीं

kharmar 2019 (खरमास 2019)

हिंदु धर्म के अनुसार प्रत्येक कार्य को करने के लिए शुभ समय और महुर्त का विचार किया जाता है। चाहे वह विवाह हो, गृह प्रवेश हो या मुंडन आदि इन सभी कार्यों को करने के लिए ग्रह दशाओं महु्र्त आदि का विचार किया जाता है। लेकिन ग्रहों की बदलती स्थिति के अनुसार कुछ समय के लिए सभी शुभ कार्यां को स्थगित करना पड़ता है। ऐसा ही एक मास 15 मार्च 2019 से शुरु हो रहा है, जब सभी शुभ कामों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाएगा। यह मास खरमास या मलमास के नाम से भी जाना जाता है। शास्रों के अनुसार श्राद्ध और चर्तुमास के अलावा खरमास में भी कोई शुभ कार्य नही किया जाता। गोचर के अनुसार सूर्य 15 मार्च 2019 को 5 बजकर 39 मिनट पर कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश कर रहे है। सु्र्य के इसी गोचर के साथ खरमास 2019 (Kharmas 2019) का आरंभ भी हो जाएगा। खरमास का समय एक महीने तक रहेगा । इस समय किसी भी मांगलिक कार्य को करना वर्जित माना जाता है। सुर्य मीन राशि में 14 अप्रैल 2019 तक रहेंगे। इसके बाद यह मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे. सुर्य के मेष राशि में आने क बाद एक बार फिर से सभी मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे।

खरमास में क्यों होते है शुभ कार्य वर्जित

सुर्य का गुरु की राशि में रहना इसकी बड़ी वजह मानी जाती है. गुरु जो कि सभी शुभ कार्यां के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. सुर्य का गुरु की राशि आना इसके प्रभाव को कम कर देता है.गुरु जो नैसर्गिक रुप से सभी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। उसका निर्बल होना इन सभी महत्वपूर्ण को करने के लिए अच्छा नही माना जाता । इसी वजह से खरमास के दौरान न ही विवाह, न ही नामकरण संस्कार , गोद भराई जैसे जरुरी काम होते क्योंकि इन सभी कामों में गुरु की महत्वपूर्ण रहती है...

खरमास में न करें ये शुभ काम

1.खरमास में सगाई, गोदभराई, विवाह आदि कार्य नही करने चाहिए।
2. गृह प्रवेश, मकान की नीवं भरवाना, नई गाड़ी खरीदने से बचना चाहिए।
3.खरमास में अपनी इच्छा के अनुसार दान-पुण्य करना चाहिए।
4.किसी भी प्रकार के नशे आदि का प्रयोग न करें।
5. किसी का अपशब्द न कहें और न ही किसी का अपमान करें।

खरमास के प्रभाव को कम करने के लिए करें ये उपाय

1. खरमास के महिने में भगवत गीता, शिव पुराण, स्कंद पुराण, रामचरित मानस आदि धार्मिक ग्रंथो को पड़ना चाहिए।
2. खरमास के महिने में श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य , हवन आदि करना चाहिए।
3. खरमास के पूरे महिने अपने इष्ट की पूजा और मंत्रों का जाप करना चाहिए।
4. भगवान गणेश, श्री राम जी और हनुमान जी की पूजा अराधना करनी चाहिए।
5. गरीब व्यक्तियों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था कराना।
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