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Kartik Purnima 2018 / कार्तिक पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं करें

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 22 2018 2:14PM IST
Kartik Purnima 2018 / कार्तिक पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं करें

कार्तिक मास में होने वाली कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima 2018)  है इस बार 22 और 23 नवंबर को है। इस पूर्णिमा पर कार्तिक स्नान के साथ दीप दान का विशेष महत्व है।  22 नवंबर को पूर्णिमा व्रत है तो 23 को स्नान और दान की पूर्णिमा है। इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान करने और दान करने की परंपरा है। इसलिए हम आपको कार्तिक पूर्णिमा पर किए जाने वाले शुभ काम बताने जा रहे हैं। 

Kartik Purnima 2018: भगवान विष्णु जी की आरती

कार्तिक पूर्णिमा पर चांद पूरी कलाओं के साथ दिखाई देता है। ये रात पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ है। चंद्र के सामने किए गए पूजन से शुभ फल जल्दी मिलते हैं। इसलिए इस पूर्णिमा आप शुभ फल प्राप्ति के लिए ये विशेष कार्य अवश्य करें....

कार्तिक पूर्णिमा पर क्या करें- 

  • पूर्णिमा की रात चंद्रोदय के बाद चांदी के लोटे में दूध और जल भर लें। इस जल को विदिवत चांद को अर्घ्य अर्पित करें। इस क्रिया को करते समय ऊँ सों सोमाय नम: मंत्र का जाप करें। इससे आपके परिवार में हमेशा कृपा बनी रहेगी।
  • पूर्णिमा पर किसी पवित्र नदी में स्नान अवश्य करें। कार्तिक स्नान के बाद पीपल की करके जल चढ़ाएं। पीपल के पेड़ पर मिठाई का भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें।
  • कार्तिक पूर्णिमा पर घर के मुख्यद्वार पर आम के पत्तों का तोरण बांधें। इससे घर में लक्ष्मी का वास होगा। 
  • कार्तिक पूर्णिमा पर गरीबों को चावल दान करें। इससे चन्द्र ग्रह शुभ फलदायी होता है। 
  • कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रदेव को कच्चे दूध में मिश्री और चावल का अर्घ्य अर्पित करने से बिगड़े काम बनते हैं।
  •  कार्तिक पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा में 11 पीली कौड़ियां, गोमती चक्र रखें। पूजा के बाद ये चीजें तिजोरी में रख ले सालों साल धन की कमी नहीं होगी।
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी और विष्णुजी की पूजा करना आवश्यक है। दोनों की पूजा कर दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक करें। दूध में केसर मिलाएं और इसके बाद इस दूध को शंख में डालकर लक्ष्मी माता और विष्णु जी का अभिषेक करें। इससे अवश्य लाभ मिलेगा।
  •  कार्तिक पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी के मंदिर जाएं। देवी मां को हल्दी की गांठ, इत्र, गुलाब के फूल चढ़ाएं। माता लक्ष्मी के सामने केसर का तिलक खुद के मस्तक पर लगाकर आशीर्वाद लें।
  •  कार्तिक पूर्णिमा के दिन अपने घर के मंदिर में श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, एकाक्षी नारियल, दक्षिणवर्ती शंख की पूजा करें।
  •  कार्तिक पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहेगी। 
  • कार्तिक पूर्णिमा पर हनुमान की पूजा लाभदायी होती है। इसलिए इस दिन हनुमान के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • कार्तिक पूर्णिमा पर शिवलिंग के पास दीपक जलाकर मनोकामना मांगे।

Kartik Purnima 2018: कार्तिक पूर्णिमा में गंगा स्नान का महत्व

कार्तिक पूर्णिमा पर क्या न करें- 

  • कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान शिव और भगवान विष्णु में भेद नहीं करना चाहिए।  इन दोनों में से कौन से देव अधिक श्रेष्ठ हैं और कौन से देव में अधिक शक्तियां हैं? ऐसा सोचना महापाप जितना ही है। कार्तिक पूर्णिमा में शिव और विष्णु को एक साथ पूजा जाता है।
  • कार्तिक मास में तुलसी देवी की पूजा होती है। तुलसी विवाह का भी महत्व है। इसलिए कार्तिक मास में किसी भी व्यक्ति को तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए। भगवान विष्णु को तुलसी का भोग अवश्य लगाना चाहिए।
  • कार्तिक पूर्णिमा पर ब्रह्मचार्य का पालन करें। कार्तिक पूर्णिमा पर किसी स्त्री के विषय में गलत धारणा लाने से वयक्ति महापापी बन जाता है। जीवन में कभी उन्हें इस पाप से मुक्ति नहीं मिलती है। 
  • कार्तिक मास और कार्तिक पूर्णिमा पर मदिरा पान नहीं करना चाहिए। मदिरा पान को 5 महापापों की श्रेणी में माना जाता हैं। और यदि मदिरा यानी शराब का सेवन देवउठनी एकादशी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा में कोई करता हैं, तो वह व्यक्ति सजा के रूप में नरक लोक को प्राप्त करता हैं।
  • कार्तिक पूर्णिमा पर मासांहार का सेवन नहीं करना चाहिए। किसी पशु की हत्या केवल मुंह के स्वाद के लिए की जाती हैं। अपने स्वार्थ के लिए किसी जीव की जान न लें। न ही ईश्वर ने आपको ये अधिकार दिया है। यह महापाप करने से बचें।

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