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Holi 2020 Date And Time : भारत के इस गांव में नहीं किया जाता होलिका दहन, भगवान शिव से जुड़ी है मान्यता

Holi 2020 Date And Time : होली पर होलिका पूजन (Holika Puja) और होलिका दहन (Holika Dahan) सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक गांव ऐसा भी है जहां पर सालों से होलिका दहन नहीं किया गया है, इस गांव के लोगों ने महाभारत काल से होलिका का दहन नहीं किया आखिर क्या है इसके पीछे का कारण आइए जानते हैं...

Holi 2020 Date And Time : भारत के इस गांव में नहीं किया जाता होलिका दहन, भगवान शिव से जुड़ी है मान्यता
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Holi 2020 Date And Time : भारत के इस गांव में नहीं किया जाता होलिका दहन, भगवान शिव से जुड़ी है मान्यता

Holi 2020 Date And Time : होलिका पूजन और होलिका दहन 9 मार्च 2020 (Holika Dahan 9 March 2020) यानी आज के दिन किया जाएगा। रंगो के द्वारा होली खेलने से पहले होलिका दहन को सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है। लेकिन भारत में एक गांव ऐसा भी है जहां पर होली (Holi) तो बड़ी धूमधाम से खेली जाती है लेकिन होलिका दहन नहीं किया जाता तो चलिए जानते हैं भारत के उस गांव के बारे में जहां होलिका दहन नहीं किया जाता।

भारत के इस गांव में नहीं किया जाता होलिका दहन (Bharat Ke Is Gaanv Mai Nahi Kiya Jata Holika Dahan)

भारत मे हर जगह होलिका दहन किया जाता है। लेकिन यूपी का एक ऐसा गांव हैं जहां पर कई सालों से होलिका दहन नहीं हुआ है। यूपी के सहारनपुर में बरसी नाम का एक ऐसा हीं गांव हैं जहां पर अभी तक सिर्फ एक ही बार होलिका दहन हुआ था। माना जाता है कि उस समय वहां पर भगवान शिव प्रकट हुए थे और उनके प्रकट होते ही होलिका की अग्नि से उनके पैर झुलस गए थे। इसी वजह से इस गांव में होलिका दहन बंद कर दिया गया। सहारनपुर के इस गांव में भगवान शिव का एक मंदिर भी है।


माना जाता है कि यह मंदिर महाभारत काल से यहां मौजूद है। गांव के लोगों का मानना है कि भगवान शिव रात में इस गांव में विचरण करते हैं। यहां के लोगों का कहना है कि महाभारत काल के समय में यहां पर एक बार होलिका दहन किया गया था और उसी समय भगवान शिव भी प्रकट हुए थे। इस दौरान होलिका दहन की वजह से उनके पैर पूरी तरह से झूलस गए थे।भगवान शिव के दुबारा पैर न झूलसे इसी कराण से अब यहां पर होलिका दहन की परंपरा को बंद कर दिया गया था। आज भी इस गांव में होली का पर्व बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन यहां होलिका दहन नहीं किया जाता।


भगवान शिव के मंदिर की स्थापना (Bhagwan Shiv Ke Mandir Ki Sthapna)

सहारनपुर के इस छोटे से गांव में अब भी भगवान शिव का एक मंदिर मौजूद है। इस गांव के लोगों के अनुसार जिस समय महाभारत का युद्ध चल रहा था उस समय दुर्योधन से स्वंय ही बरसी गांव में भगवान शिव के मंदिर का निर्माण कराया था। लेकिन जब इस मंदिर के बारे में भीम को पता चला तो उसने अपनी गदा से प्रहार करके मंदिर का दरवाजा घुमा दिया। यहां के लोगों के अनुसार यह मंदिर ही सिर्फ मात्र एक ऐसा मंदिर है जिसका मुख्य द्वार पश्चिम दिशा में है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन दूर - दूर से लोग महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं।

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