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क्या होता है अन्नकूट, गोवर्धन पर अन्नकूट बनाने की ये है खास वजह, जानें सिर्फ यहां

दीपावली मनाने के अगले दिन गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) होती है। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन घरों में नए-नए पकवानों को बनाया जाता है। कुछ लोग इस दिन 56 या 108 तरह के पकवानों को बनाते हैं और श्रीकृष्‍ण को भोग चढ़ाते हैं।

क्या होता है अन्नकूट, गोवर्धन पर अन्नकूट बनाने की ये है खास वजह, जानें सिर्फ यहां

दीपावली मनाने के अगले दिन गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) होती है। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन घरों में नए-नए पकवानों को बनाया जाता है। कुछ लोग इस दिन 56 या 108 तरह के पकवानों को बनाते हैं और श्रीकृष्‍ण को भोग चढ़ाते हैं।

लोग इस दिन पकवानों के साथ ही 'अन्‍नकूट का भी श्रीकृष्‍ण को भोग लगाते हैं। क्या आप जानते हैं कि क्या होता है अन्नकूट। अगर नहीं, तो आज हम आपको अन्नकूट और गोवर्धन पर अन्नकूट बनाने के पीछे छुपी वजह के बारे में बता रहे हैं।

यह भी पढ़ें : गोवर्धन पूजा 2018: जानें गोवर्धन पूजा का महत्व, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और आरती

क्या होता है अन्‍नकूट

इस दिन अन्‍नकूट बनाया जाता है, जिसमें कई सारी सब्ज़ियों को एक साथ मिलाकर, मिलीजुली सब्जी और कढ़ी-चावल,पूड़ी आदि को बनाया जाता है। जिसके बाद भगवान कृष्‍ण को भोग लगाया जाता है और फिर प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटा जाता है।

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क्यों गोवर्धन पर बनाया जाता है अन्नकूट

दरअसल गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण ने देव राज इन्‍द्र के घमंड को चूर-चूर कर दिया था और गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। दरअसल भगवान कृष्‍ण ने देव राज इन्‍द्र के गुस्से की वजह से होने वाली भारी बारिश से गोवर्धन पर्वत के नीचे समूचे वृंदावनवासियों को बचाया था।

जिसके बाद कृष्‍ण ने लोगों को पर्वत और प्रकृति से मिलने वाली वस्तुओं की अहमियत बताने और उनके प्रति सम्मान जताना सिखाने के लिए गोवर्धन पूजा की शुरूआत की थी,इसलिए हर साल गोवर्धन पूजा की जाती है। जिसमें लोग गोबर और साबुत अनाज से भगवान कृष्‍ण और गोवर्धन पर्वत के प्रतीक बनाकर पूजा करते हैं और प्रकृति से मिलीं चीजों से ही अन्नकूट बनाकर भोग लगाया जाता है।

पूजा का महत्व

गोवर्धन पूजा हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसमें गाय माता की पूजा के साथ ही कई जगहों पर इस पूजा को लंबी उम्र की कामना के लिए भी मनाया जाता है। जिसका शुभ मुहूर्त भी होता है। इस दिन श्री कृष्ण को तैयार करके उनको सजाया जाता है।

पूजा का मुहूर्त

गोवर्धन पूजा का समय सुबह 6 बजकर 39 मिनट से लेकर 8 बजकर 51 मिनट तक है।

गोवर्धन पूजा का मुहूर्त दोपहर में 3 बजकर 18 मिनट से शाम के 5 बजकर 27 मिनट तक है।

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