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जन्म-जन्मांतर के पाप से मुक्ति के लिए ऐसे करें गोवर्धन पूजा, ये है शुभ मुहूर्त

गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस बार दिवाली 7 नवंबर 2018 के अगले दिन यानि 8 नवंबर 2018 बृहस्पतिवार के दिन गोवर्धन पूजा 2018 की जाएगी। हिन्दू धर्म शास्त्रों में गोवर्धन पूजा का खास महत्व बताया गया है।

जन्म-जन्मांतर के पाप से मुक्ति के लिए ऐसे करें गोवर्धन पूजा, ये है शुभ मुहूर्त

गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2018) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस बार दिवाली 7 नवंबर 2018 के अगले दिन यानि 8 नवंबर 2018 बृहस्पतिवार के दिन गोवर्धन पूजा 2018 की जाएगी। हिन्दू धर्म शास्त्रों में गोवर्धन पूजा का खास महत्व बताया गया है।

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। इसका अर्थ है अन्न का पर्वत। गोवर्धन पूजा में भगवान को छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया जाता हैं। भोजन की इतनी विविधता और ढेर से ही अन्नकूट बनाया जाता है। इसी कारण इस त्यौहार का नाम अन्नकूट पड़ा।

गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक।

विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव।।

ये भी पढ़े - ऐसे करें गोवर्धन पूजा, मिलेगा भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद और वरदान

गोवर्धन पूजा विधि (Govardhan Puja Vidhi)

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि कर पवित्र हो जाएं।
  • उसके बाद विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से अन्नकूट तैयार करें।
  • अन्नकूट को पर्वत के आकार में या भगवान श्री कृष्ण का रूप दे सकते है।
  • गोवर्धन तैयार करने के बाद उसे फूलों से सजाएं।
  • शाम के समय गोवर्धन पूजा करें।
  • गोवर्धन पूजा में धूप, दीप, दूध नैवेद्य, जल, फल, खील, बताशे आदि का इस्तेमाल करें।
  • ऐसी मान्यता है कि गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • साथ ही परिक्रमा करने से ईश्वरीय भक्ति और प्रेम की प्राप्ति होती है।
  • माना जाता है कि घर में प्रतीकात्मक तौर पर गोवर्धन बनाकर उसकी पूजा करने से भी गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा के समान ही पुण्य प्राप्त होता हैं।

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त (Govardhan Puja Shubh Muhurat)

गोवर्धन पूजा का पहला शुभ मुहूर्त- सुबह 6:42 बजे से 8:51 बजे तक

गोवर्धन पूजा का दूसरा शुभ मुहूर्त- दोपहर 3:18 बजे से शाम 5:27 बजे तक

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