Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Father's Day 2019 In India : क्यों कहा जाता है सूर्य देव को पिता का कारक, क्या है सूर्यदेव और शनिदेव से जुड़ी कथा

Happy Fathers Day 2019 : फादर्स डे 2019 (Fathers Day 2019) का पर्व 17 जून 2019 (17 June 2019) यानी सोमवार के दिन पूरी दुनिया में मनाया जाएगा। इस दिन सभी पुत्र अपने - अपने पिता को कुछ न कुछ गिफ्ट जरूर देंगे। रविवार (Sunday) का दिन सूर्य का दिन (Surya Ka Din) माना जाता है और सूर्य (Surya) पिता का कारक (Pita Ka Karak)।लेकिन क्या आप जानते हैं । क्यों दिया जाता है सूर्य देव (Surya dev) को पिता का दर्जा । क्या है इसकी पौराणिक कथा (Puranik Katha) । अगर आप इसके बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे तो चलिए जानते हैं । सूर्य देव और शनिदेव से जुड़ी कथा (Surya Dev or Shani Dev Sa Judi Katha) के बारे में......

Father

Happy Fathers Day 2019 : फादर्स डे 2019 (Fathers Day 2019) का पर्व 17 जून 2019 (17 June 2019) यानी सोमवार के दिन पूरी दुनिया में मनाया जाएगा। इस दिन सभी पुत्र अपने - अपने पिता को कुछ न कुछ गिफ्ट जरूर देंगे। रविवार (Sunday) का दिन सूर्य का दिन (Surya Ka Din) माना जाता है और सूर्य (Surya) पिता का कारक (Pita Ka Karak)।लेकिन क्या आप जानते हैं । क्यों दिया जाता है सूर्य देव (Surya dev) को पिता का दर्जा । क्या है इसकी पौराणिक कथा (Puranik Katha) । अगर आप इसके बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे तो चलिए जानते हैं । सूर्य देव और शनिदेव से जुड़ी कथा (Surya Dev or Shani Dev Sa Judi Katha) के बारे में......


सूर्य देव और शनिदेव से जुड़ी कथा (Surya Dev or Shani Dev Sa Judi Katha)

पौराणिक कथाओं के अनुसार के शनिदेव को सूर्य का पुत्र कहा जाता है। शनि देव की माता का नाम छाया है। छाया भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त थी और प्रत्येक दिन भगवान शिव की कठोर पूजा करती थी । जब शनिदेव देवी छाया के गर्भ में थे तो इसी वजह से उनका रंग काला पड़ गया और जब शनिदेव का जन्म हुआ। सूर्य शनिदेव को देखते ही क्रोधित हो गए कि इस शिशु का रंग तो काला है। यह तो मेरा पुत्र हो ही नही सकता । इन सब के बाद सूर्य देव वहां से चले जाते हैं।

राहु को जब यह बात पता चलती है तो वह अपनी राक्षसी प्रवृति के अनुसार इंद्र देव को भड़काता है कि सूर्य तुम्हारे सिंहासन पर कब्जा करना चाहता है और इंद्र को सूर्य और छाया से जुड़ी सभी बाते बताता है और कहता है कि सूर्य को देवताओं की क्षेणी से निकालने का इससे अच्छा अवसर नहीं मिलेगा। जब सर्य देव इंद्र की सभा में आते हैं तो इंद्र सूर्य का मजाक बनाते हैं और छाया पर कुचरित्र का इल्जाम लगाते हैं ।


इंद्र कहते हैं या तो वह छाया का त्याग करें या फिर देवाताओं की क्षेणी का । इस पर सूर्य देव को गुस्सा आ जाता है और वह छाया और शनि को घर से निकाल देते हैं। जिसके बाद शनिदेव अपनी माता को इंसाफ दिलाने के लिए कठोर तप करते हैं और सूर्यदेव के जितनी शक्तियां प्राप्त करते हैं।

शक्तियां प्राप्त करने के बाद शनि सूर्य को युद्ध के लिए ललकारते हैं। लेकिन इसके बाद शिव इस विषयमयकारी युद्ध को समाप्त कराते हैं और सूर्य को पूरी सच्चाई बताते हैं। सूर्यदेव अपनी गलती को स्वीकार करते हैं और शनि को अपना पुत्र स्वीकार कर लेते हैं।

Share it
Top