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Christmas Day 2019 : जानिए ईसा मसीह और कुरान का रिश्ता

Christmas Day 2019: क्रिसमस का त्योहार भगवान ईसा मसीह के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, ईसा मसीह के जन्म की कहानी न केवल बाइबिल में बल्कि कुरान में भी लिखी हुई है, इसके अलावा ईसा मसीह की कुछ अन्य बातें भी कुरान में लिखी है तो चलिए जानते हैं ईसा मसीह और कुरान के बीच में क्या रिश्ता है।

Christmas Day 2019 : जानिए क्या है ईसा मसीह और कुरान का रिश्ताChristmas Day 2019 : जानिए क्या है ईसा मसीह और कुरान का रिश्ता

Christmas Day 2019 क्रिसमस का त्योहार ईसाई धर्म के लोगों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन भगवान के पुत्र कहे जाने वाले ईसा मसीह (Christmas Day) का जन्म हुआ था। क्रिसमस का त्योहार हर साल 25 दिसंबर (25 December) के दिन मनाया जाता है। ईसाई धर्म के अलावा मुस्लिम धर्म के लोग भी ईसा मसीह के आस्तित्व को मानते हैं क्योंकि कुरान और बाइबिल में ईसा मसीह के बारे में जो लिखा है वह कई रूपों में एक जैसा ही है। इसके अलावा भी कुरान में कुछ ऐसी बाते लिखीं हुई हैं जो ईसा मसीह और कुरान के रिश्तों के बारे में बताती है।


ईसा मसीह और कुरान का रिश्ता (Isa Masih Or Kuran ka Rishta)

जीसस जिन्हें अरबी में ईसा कहा जाता है। मुस्लिम धर्म के अनुसार वह खुदा के पैगंबर थे और इस्लाम में भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। लेकिन ज्यादातर मुस्लिम लोग क्रिसमस का त्योहार नहीं मनाते लेकिन कुछ मुस्लिम धर्म को लोग जो अमेरिका या इंग्लैंड जैसे देशों में रहते हैं वह क्रिसमस जरूर मनाते हैं।

क्रिसमस को जीसस के जन्म के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार ईसाई धर्म के लोगों का प्रमुख धार्मिक उत्सव है। मुस्लिम धर्म की सबसे पाक किताब कुरान में भी जीसस , मैरी और देवदूत जबराइल सभी का जिक्र कुरान में मिलता है।

इसी प्रकार बाइबिल के कुछ और चरित्र आदम,अब्राह्म और मौसस आदि का उल्लेख कुरान में भी पाया जाता है। मुस्लिम धर्म के लोगों का मानना है कि जीसस खुदा के पैगम्बर थे। जो कुंवारी मरियम के गर्भ से पैदा हुए थे।

इतना ही नहीं मुस्लिम लोग यह भी मानते हैं कि ईसा मसीह कयामत आने से पहले न्याय करने और झूठे मसीहा को हराने जमींन पर वापस आएंगे। जो बाइबिल में भी लिखा हुआ है।

मैरी को अरबी में मरियम कहा जाता है। इस पर कुरान में भी लिखा गया है सिर्फ कुरान में ही एक पूरा पन्ना अगर किसी स्त्री पर लिखा गया है तो वह सिर्फ मरियम ही है।


कुरान में सिर्फ मैरी ही एक ऐसी स्त्री हैं जिनका उल्लेख उनके नाम के द्वारा किया है। इसके अलावा कुरान में किसी भी स्त्री का उल्लेख उसके परिवार के साथ ही किया गया है। जैसे आदम की पत्नी, मुसा की मां इत्यादि लेकिन मरियम का उल्लेख उन्हीं के नाम के द्वारा किया गया है।

मुस्लिम लोग यह मानते हैं कि जीसस चमत्कार किया करते थे। कुरान में भी जीसस के कुछ चमत्कारों की चर्चा की गई है जैसे अंधे को रोशनी प्रदान करना, कोढी को ठिक करना, मुर्दे को उठा देना और मरी हुई चिड़िया को जीवन प्रदान कर देना। वहीं दूसरी और कुरान में ईसा मसीह के जन्म का भी जिक्र किया गया है।

लेकिन इस्लाम में जो ईशु के जन्म की कहानी बताई गई है उसमें न तो जोसफ है और न हीं फरिश्ते और न हीं वह नांद जिसमें जानवरों को चारा खिलाया जाता था। कुरान के अनुसार मरियम ने अकेले ही ईसा को रेगिस्तान में जन्म दिया और सुखे खजूर के पेड़ के नीचे पनाह ली थी,

तब ही एक चमत्कार हुआ अचानक उनके खाने के लिए पेड़ से खजूर गिर गए और उनके कदमों के पास पानी का स्रोत फूट पड़ा। एक कुंवारी लड़की के लिए बच्चे का जन्म कई प्रकार के सवाल खड़े कर सकता था। लेकिन ईसा ने जन्म लेते के साथ ही ईश्वर के देवदूत की तरह से बोलना शुरू कर दिया।

इस चमत्कार से एक मां निर्दोष साबित हो गई।इस्लाम धर्म ईसा से परिचित है क्योंकि सातवीं शताब्दी में इस्लाम के उदभव के समय में ईसाई धर्म मध्य पूर्व में काफी प्रचलित था। हालांकि बाइबिल में मोहम्मद का जिक्र नहीं किया गया लेकिन उसके कारण भी स्पष्ट हैं आने वाले समय में इस्लाम ईसा मसीह की आराधना कर सकता है।

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