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चंद्रघंटा देवी की पूजा, दूर होंगे सभी सांसारिक कष्ट

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Sep 23 2017 4:32AM IST
चंद्रघंटा देवी  की पूजा, दूर होंगे सभी सांसारिक कष्ट

चंद्रघंटा को नवदुर्गा का तीसरा स्वरूप माना जाता है। मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चन्द्र होने के कारण इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। माता चंद्रघंटा को स्वर की देवी भी कहा जाता है। देवी चंद्रघंटा का स्वरुप अद्भुत है। 

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इनके इनके दस हाथ हैं जिनमें शंख, कमल, धनुष-बाण, तलवार, कमंडल, त्रिशूल, गदा आदि शस्त्र धारण की हैं। इनके माथे पर स्वर्णिम घंटे के आकार का चांद बना हुआ है। इनके गले में सफेद फूलों की माला है और इनका वाहन शेर है। 

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माता चंद्रघंटा को सफेद रंग का भोग लगाना चाहिए। चंद्रघंटा देवी की पूजा-अर्चना में दूध का प्रयोग अच्छा माना जाता है। पूजा के बाद उस दूध से बनी सामग्री ब्राह्मण को देना अच्छा मन गया है। माता चंद्रघंटा की आराधना से सभी प्रकार के सांसारिक कष्ट दूर होते हैं।

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