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Chaitra Navratri 2020 Panchang : चैत्र नवरात्रि 2020 पंचाग

Chaitra Navratri 2020 Panchang : चैत्र नवरात्रि का पंचांग (Chaitra Navratri Panchang) जानकर आप मां दुर्गा की पूजा सही समय और मुहूर्त पर करके उनका पूर्ण आशीर्वाद और लाभ प्राप्त कर सकते हैं, नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा (Goddess Durga Puja) नौ दिनों तक की जाती है तो चलिए जानते हैं चैत्र नवरात्रि का पंचांग।

Chaitra Navratri 2020 Panchang : चैत्र नवरात्रि 2020 पंचाग

Chaitra Navratri 2020 Panchang : चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) इस साल 2020 में 25 मार्च 2020 (25 March 2020) से मनाई जाएगी। यह पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए जाना जाता है। यदि आप मां दुर्गा की पूजा में किसी भी प्रकार की कोई गलती नहीं करना चाहते तो आपको चैत्र नवरात्रि का पंचांग अवश्य ही जान लेना चाहिए तो चलिए जानते हैं चैत्र नवरात्रि का पंचांग।


चैत्र नवरात्रि 2020 पंचांग (Chaitra Navratri 2020 Panchang)

तिथि

प्रतिपदा

दिन

बुधवार

माह

चैत्र मास

घटस्थापना मुहूर्त

सुबह 06 बजकर 19 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक

नक्षत्र

रेवती

योग

इन्द्र

करण

बालव

चंद्रमा

मीन राशि

सूर्य राशि

मीन राशि

विजय मुहूर्त


दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 01 बजकर 59 मिनट तक

अभिजित मुहूर्त मुहूर्त

कोई नहीं

राहुकाल

दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक

सूर्योदय

06:19 बजे

सूर्यास्त

18:35 बजे

चैत्र नवरात्रि क्यों मनाई जाती है (Chaitra Navratri Kyu Manayi Jati Hai)

नवरात्रि वह समय होता है। जब दोनों ऋतुओं का मिलन होता है। मुख्य रूप से दो नवरात्रि को विशेष महत्व दिया जाता है। जो चैत्र नवरात्रि और अश्विन नवरात्रि है। चैत्र नवरात्रि से ही गर्मियों का आरंभ होता है और प्रकृति एक प्रमुख जलवायु परिवर्तन से गुजरती है। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि में उपवास करने से शरीर मौसम के बदलाव के लिए तैयार हो जाता है। नवरात्रि का त्योहार उत्तर भारत में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है।

चैत्र नवरात्रि में उपवास के तीन दिन की ऊर्जा मां दुर्गा को समर्पित होती है। अगले तीन दिन की ऊर्जा मां लक्ष्मी को समर्पित होती है और आखिरी के तीन दिन की ऊर्जा की देवी मां सरस्वती को समर्पित होती है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। कलश स्थापना को ब्रह्माण्ड का प्रतीक माना जाता है और घर में शुद्धि और खुशहाली लाता है। इसके साथ ही माता चौकी स्थापित की जाती है और पूरे विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा करके उपवास किया जाता है। चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा की अखंड ज्योत भी जलाई जाती है।

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