Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Chaitra Navratri 2020 March : चैत्र नवरात्रि पूजा विधि

Chaitra Navratri 2020 March : चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा की जाती है, माना जाता है कि नवरात्रि (Navratri) पर मां दुर्गा (Goddess Durga) की विधिवत पूजा करने से मनुष्य की सभी प्रकार की इच्छाओं की पूर्ति होती है तो चलिए जानते हैं चैत्र नवरात्रि की पूजा विधि।

Chaitra Navratri 2020 March : चैत्र नवरात्रि पूजा विधि

Chaitra Navratri 2020 March : चैत्र नवरात्रि का पर्व (Chaitra Navratri Festival) 25 मार्च 2020 से प्रारंभ हो रहा है। यह पर्व मां दुर्गा (Maa Durga) को समर्पित है। शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि पर मां दुर्गा की विधिवत पूजा करने से सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनो में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

चैत्र नवरात्रि की पूजा विधि (Chaitra Navratri Puja Vidhi)

1. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा से पहले साधक को स्नान करके साफ वस्त्र धारण करने चाहिए।

2. उसके बाद एक लकड़ी की चौकी पर गंगाजल डालकर उसे शुद्ध करना चाहिए और उस पर लाल रंग का वस्त्र बिछाना चाहिए।

Also Read : Chaitra Navratri 2020 Mein Kab Hai : चैत्र नवरात्रि 2020 में कब है, जानिए घट स्थापना का शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि, कथा, मंत्र और मां दुर्गा की आरती

3.इसके बाद चावल का अष्टदल कमल बनाएं और मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।

4.मूर्ति स्थापित करने के बाद अष्टदल कमल पर कलश स्थापित करें और उस पर मौली बांधे।इसके बाद कलश में गंगाजल, सुपारी, हल्दी, चावल और एक सिक्का डालें।

5. इसके बाद उस कलश को आम के पत्तों से ढकें फिर एक नारियल लेकर उस पर मौली बांधें और फिर नारियल को पान के पत्तों पर रखें।

6. नारियल स्थापित करने के बाद घी का एक अखंड दीपक मां दुर्गा के बाईं और रखें और मां दुर्गा को रोली का तिलक करें और स्वंय को भी तिलक लगाएं।

7. इसके साथ ही कलश पर भी तिलक करें और अखंड दीपक प्रज्वल्लित करें फिर फूल से जल लेकर प्रतिमा और कलश पर जल छिड़कें।


8.जल छिड़कने के बाद अक्षत को प्रतिमा के ऊपर छोड़ें।इसके बाद एक लाल रंग की चुनरी माता पर चढ़ाएं।

9.इसके बाद मां दुर्गा को लाल रंग के फूलों की माला और श्रृंगार का सामान मां दुर्गा को अर्पित करें।

10.श्रृंगार अर्पित करने के बाद माता को पांच प्रकार के फल अर्पित करें।

Also Read : Chaitra Navratri Kab Se Hai 2020 : मासिक धर्म में महिलाएं ऐसे रखें चैत्र नवरात्रि का व्रत, नहीं बनेंगी पाप की भागीदार

11.इसके बाद एक मिट्टी का पात्र लेकर उसमें जौं को बो दें और उस पात्र पर फूल अर्पित करें।

12.जौं को बोने के बाद गोबर के उपले को जलाकर पूजा स्थल में रखें और उस पर घी डालें।

13.इसके बाद उस उपले पर कपूर , दो लौंग के जोड़े और बताशे अर्पित करें।

14. बताशे अर्पित करने के बाद मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और दुर्गासप्तशती का पाठ करें।

15. इसके बाद मां की धूप व दीप से आरती उतारें और माता को बताशे का भोग लगाकर उसका प्रसाद वितरण करें और क्षमा याचना करें।

Next Story
Top