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Chaitra Navratri 2020 Festival : जानिए क्यों कहा जाता है चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि

Chaitra Navratri 2020 Festival : चैत्र नवरात्रि का पर्व (Chaitra Navratri Festival) चैत्र मास में मनाया जाता है,नवरात्रि (Navratri) के इन नौ दिनों में मां दुर्गा की पूजा (Goddess Durga Puja) की जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है आखिर क्या है इसके पीछे का कारण आइए जानते हैं...

Chaitra Navratri 2020 Festival : जानिए क्यों कहा जाता है चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि

Chaitra Navratri 2020 Festival : नवरात्रि का पर्व (Navratri Festival) साल में दो विशेष रूप से मनाई जाती है और इन दोनों नवरात्रि का अलग- अलग महत्व है, पहली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि और दूसरी नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। लेकिन चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि (Ram Navratri) के रूप में भी मनाया जाता है तो चलिए जानते हैं क्यों कहा जाता है चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि

चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि क्यों कहा जाता है (Chaitra Navratri Ko Ram Navratri Kyu Kaha Jata Hai)

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) चैत्र मास में मनाई जाती है। नवरात्रि के इस पर्व पर मां दुर्गा (Goddess Durga) के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि साल में चार बार आती हैं। इन चारों नवरात्रि में पहली नवरात्रि चैत्र नवरात्रि और दूसरी शारदीय नवरात्रि होती है। जिन्हें पूरे भारत वर्ष में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि को महानवरात्रि कहा जाता है। यह नवरात्रि सितंबर या अक्टूबर माह में आते हैं। वहीं यदि चैत्र नवरात्रि की बात करें तो यह मार्च या अप्रैल में मनाए जाते हैं। शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन को दशहरे के रूप में मनाया जाता है।

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माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था और माता सीता को मुक्त कराया था। वहीं चैत्र नवरात्रि के नवें दिन को भगवान श्री राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। जिसे रामनवमी के नाम से भी जाना जाता है।माना जाता है कि इसी दिन भगवान श्री राम ने माता कौश्यलया के गर्भ से अयोद्धया में जन्म लिया था। इसी कारण चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि भी कहा जाता है।इस नवरात्रि के बाद ही गर्मियों की शुरूआत मानी जाती है।

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शास्त्रों के अनुसार भगवान राम ने सबसे पहले समुद्र के किनारे नौ दिनों तक मां दुर्गा का पूजन किया था और इसके बाद ही रावण से युद्ध करने के लिए लंका की और बढ़े थे। जिसके बाद उन्होंने युद्ध में विजय भी प्राप्त की थी। पुराणों में नवरात्रों की महिमा का बहुत ही अधिक गुणगान मिलता है। स्वंय ब्रह्म देव ने मां दुर्गा की महिमा बृहस्पति देव को बताते हुए उस ब्राह्मण कन्या की कथा सुनाई। जिसने सबसे पहले देवी दुर्गा का व्रत रखा था। नवरात्र में घर में पूजा से पहले सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।

माना जाता है कि नवरात्र के दिनों में दुर्गा मां कैलाश छोड़कर धरती पर अपने भक्तों के साथ रहती हैं और जो भी भक्त मां की पूरी श्रद्ध से आराधना करता है मां उसकी सभी इच्छाओं को पूर्ण करती हैं। चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा के अलग- अलग रूपों की पूजा का विधान है।

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