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Chaitra Navratri 2020 Festival : जानिए क्या है कलश पर स्थापित नारियल का महत्व

Chaitra Navratri 2020 Festival : चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा (Goddess Durga) की चौकी की स्थापना, कलश स्थापना और कलश के ऊपर नारियल स्थापित किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कलश के ऊपर यह नारियल क्यों स्थापित किया जाता है क्यो है कलश पर नारियल (Nariyal) स्थापित करने का महत्व यदि नहीं तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे तो चलिए जानते हैं कलश पर स्थापित नारियल का महत्व

Chaitra Navratri 2020 Festival : जानिए क्या है  कलश पर स्थापित नारियल का महत्व

Chaitra Navratri 2020 Festival : चैत्र नवरात्रि का पर्व (Chaitra Navratri Festival) साल 2020 में 25 मार्च से प्रारंभ हो रहा है और नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना (Ghat Sthapna) को अधिक महत्व दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कलश के ऊपर नारियल क्यों स्थापित किया जाता है और इस नारियल का कैसे प्रयोग किया जाए। जिससे आप अपने जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति पा सकें।


कलश पर स्थापित नारियल का महत्व (Kalash Per Sthapit Nariyal Ka Mahatva)

चैत्र नवरात्रि पर पहले दिन मां दुर्गा की चौकी की स्थापना , कलश स्थापना और कलश के ऊपर नारियल स्थापित किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार कलश के ऊपर स्थापित नारियल को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और कलश में तैंतीस कोटी देवी देवताओं का वास माना जाता है। माना जाता है कि कलश के ऊपर नारियल स्थापित करने से मां लक्ष्मी का वास सदैव घर में होता है। इसलिए जब भी कहीं पर कलश की स्थापना की जाती है तो उस पर नारियल अवश्य स्थापित किया जाता है। जिससे सभी देवताओ का वास घर में हो सके और किसी भी शुभ कार्य में किसी भी प्रकार का कोई विघ्न उत्पन्न न हो। इसी कारण से नारियल को अत्यंत शुभ माना जाता है।

यदि आप कलश स्थापना करते हैं और उस पर नारियल स्थापित नहीं करते हैं तो आपका कलश स्थापन अधूरा माना जाता है। शास्त्रों में तो यह भी कहा जाता है कि यदि कलश पर स्थापना में नारियल को कलश पर यदि न रखा जाए तो वह शुभ काम कभी भी पूरा नहीं होता और कई प्रकार के विघ्न उस शुभ और मांगलिक कार्यों में आते हैं। इसके साथ ही नवरात्रि पूजा में नारियल का विशेष महत्व बताया गया है। क्योंकि नवरात्रि के आखिरी दिन मां दुर्गा की पूजा के बाद कन्या पूजन में नारियल का प्रसाद दिया जाता है और तब ही नवरात्रि के व्रत सफल होते हैं। यदि इस दिन नारियल का प्रसाद कन्या पूजन में न रखा जाए तो न तो नवरात्रि के व्रत सफल होते हैं और न हीं मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

लेकिन कुछ लोग नवरात्रि पर कलश के ऊपर स्थापित नारियल को तोड़ देते हैं। जो शास्त्रों में बिल्कुल ही गलत बताया गया है।शास्त्रों में ऐसा करना वर्जित माना गया है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके घर में कई प्रकार की परेशानियां उत्पन्न हो सकती है। माना जाता है कि कलश पर स्थापित नारियल को मां लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है और जब आप उस नारियल को तोड़ देते हैं तो मां लक्ष्मी आपसे नाराज हो जाती है और आपसे रूठ कर आपसे दूर चली जाती है। जिसके बाद आपको दरिद्रता का भी सामना करना पड़ सकता है। विद्वानों के अनुसार कलश पर स्थापित नारियल को कभी भी तोड़ना नहीं चाहिए। बल्कि इसके कई उपयोग बताएं गए हैं जो आपको आपकी सभी समस्याओं से मुक्ति दिला सकता है।

यदि आप पैसों की समस्या से परेशान हैं तो आपको नवरात्रि के अंतिम दिन पूजा करने के बाद उस नारियल को अपने पैसे रखने वाले स्थान पर रख देना चाहिए। ऐसा करने से आप पर सदैव मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। वहीं यदि किसी स्त्री को संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो पा रही है तो उसे अपने ऊपर से इस नारियल को सात बार उतारकर अपने घर के मंदिर में स्थापित करना चाहिए । इसके साथ ही यदि आप शत्रु बाधा से परेशान हैं तो आपको इस नारियल को सात बार अपने ऊपर से घूमाकर किसी बहती नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। इससे आपकी शत्रु बाधा हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी और आपके शत्रु आपको कभी भी परेशान नहीं करें


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