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Buddha Purnima 2019 : जानें क्यों मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा

Buddha Purnima 2019 : पूर्णिमा (Purnima) तिथि को हिंदू धर्म में विशेष माना जाता है । पूर्णिमा में बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) को विशेष महत्व दिया जाता है।बुद्ध पूर्णिमा को ही बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) भी कहा जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्यो मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा, क्यों दिया जाता है इस दिन स्नान को विशेष महत्व। इस दिन की गई भगवान की आराधना से विशेष फल मिलता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन अगर आप विधिवत पूजा करते हैं तो आप जन्मों तक तर जाते हैं यानी आपको जन्मों -जन्म किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता । इसलिए बुद्ध पूर्णिमा के दिन प्रत्येक मनुष्य को पूजा और स्नान अवश्य करना चाहिए और अगर आप बुद्ध पूर्णिमा से जुड़ी बातों के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।

Buddha Purnima 2019 : जानें क्यों मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा

Buddha Purnima 2019 : पूर्णिमा (Purnima) तिथि को हिंदू धर्म में विशेष माना जाता है । पूर्णिमा में बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) को विशेष महत्व दिया जाता है।बुद्ध पूर्णिमा को ही बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) भी कहा जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्यो मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा, क्यों दिया जाता है इस दिन स्नान को विशेष महत्व। इस दिन की गई भगवान की आराधना से विशेष फल मिलता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन अगर आप विधिवत पूजा करते हैं तो आप जन्मों तक तर जाते हैं यानी आपको जन्मों -जन्म किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता । इसलिए बुद्ध पूर्णिमा के दिन प्रत्येक मनुष्य को पूजा और स्नान अवश्य करना चाहिए और अगर आप बुद्ध पूर्णिमा से जुड़ी बातों के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।


क्यों मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा (Kyu Manaye Jati Hai Buddha Purnima)

मान्यताओं के अनुसार वैशाख की पूर्णिमा को ही भगवान विष्णु ने अपने नौवें अवतार के रूप में जन्म लिया था। जिसे गौतम बुद्ध के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा इससे जुड़ी एक और मान्यता यह है कि इस दिन भगवान कृष्ण के बचपन के दोस्त सुदामा गरीबी के दिनों में उनसे मिलने पहुंचे थे।इसी दौरान जब दोनों दोस्त साथ बैठे तब कृष्ण ने सुदामा को सत्यविनायक व्रत का विधान बताया था। यह इसी व्रत का दूसरा नाम भी है। जब सुदामा नें श्री कृष्ण के बताए इस व्रत को किया तो उनकी गरीबी दूर हो गई और उन्हें सभी सुखों की प्राप्ति हुई थी। इस दिन धर्मराज की पूजा करने का भी विधान है। धर्मराज सत्यविनायक व्रत से अति प्रसन्न होते हैं।हिंदू शास्त्र के अनुसार धर्मराज को मृत्यु का देवता माना जाता है। इसलिए इस व्रत को करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं होता


बुद्ध पूर्णिमा और स्नान (Buddha Purnima or Snan)

किसी भी पूर्णिमा पर किया गया गंगा स्नान मनुष्य के जीवन के सभी पापों को धो देता है। लेकिन बुद्ध पूर्णिमा को पूर्णिमाओं में विशेष स्थान दिया गया है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन किया गया स्नान न केवल मनुष्य के पापों को धोता है बल्कि उसे कई जन्मों तक पाप मुक्त कर देता है। इस दिन स्नान करने से मनुष्य आरोग्य रहता है साथ ही उसके जीवन में सुख और समृद्धि भी बनी रहती है।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले उठें । उसके बाद गंगा जी में स्नान करें। यदि गंगा जी में स्नान न कर पाए तो अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल डाल लें। पूरे दिन का उपवास करें और रात के समय फूल, धूप, दीप, अन्न, गुड़ आदि से चंद्रमा की पूजा कर उन्हें जल चढ़ाना चाहिए। पूजा के बाद किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर उसे श्रद्धा अनुसार दान दें।

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