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Buddha Purnima 2019 : बुद्ध पूर्णिमा पर 502 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, सूर्य और गुरु का समसप्तक योग दिलाएगा विशेष लाभ

Buddha Purnima 2019 : बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) का पुण्यदायी पर्व 2019 में कल यानी 18 मई 2019 शनिवार के दिन है। इस दिन स्नान और दान को विशेष महत्व दिया जाता है। इस बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध जंयती (Buddha Jayanti) भी कहा जाता है। मानव जीवन में ग्रह नक्षत्रों (Graha Nakshatra) को विशेष महत्व दिया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा पर इस बार ग्रहों का बेहद ही शुभ संयोग (Subh Sanyoga) बन रहा है। इससे पहले ग्रहों का यह संयोग 502 साल पहले बना था। अगर आप भी बुद्ध पू्र्णिमा का पूरा लाभ लेना चाहते हैं तो आप ग्रह नक्षत्रों की चाल को समझकर पूजा-पाठ, स्नान और दान करें जिससे आपको संपूर्ण लाभ मिल सके और अगर आप ग्रहों की इन चालों के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको आकाशमंडल में बुद्ध पूर्णिमा पर बनने वाले ग्रहों के विशेष संयोगों के बारे में बताएंगे। तो चलिए जानते हैं बुद्ध पूर्णिमा पर बनने वाले ग्रह संयोंगों के बारे में.....

Buddha Purnima 2019 : बुद्ध पूर्णिमा पर 502 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, सूर्य और गुरु का समसप्तक योग दिलाएगा विशेष लाभ

Buddha Purnima 2019 : बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) का पुण्यदायी पर्व 2019 में कल यानी 18 मई 2019 शनिवार के दिन है। इस दिन स्नान और दान को विशेष महत्व दिया जाता है। इस बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध जंयती (Buddha Jayanti) भी कहा जाता है। मानव जीवन में ग्रह नक्षत्रों (Graha Nakshatra) को विशेष महत्व दिया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा पर इस बार ग्रहों का बेहद ही शुभ संयोग (Subh Sanyoga) बन रहा है। इससे पहले ग्रहों का यह संयोग 502 साल पहले बना था। अगर आप भी बुद्ध पू्र्णिमा का पूरा लाभ लेना चाहते हैं तो आप ग्रह नक्षत्रों की चाल को समझकर पूजा-पाठ, स्नान और दान करें जिससे आपको संपूर्ण लाभ मिल सके और अगर आप ग्रहों की इन चालों के बारे में नहीं जानते तो आज हम आपको आकाशमंडल में बुद्ध पूर्णिमा पर बनने वाले ग्रहों के विशेष संयोगों के बारे में बताएंगे। तो चलिए जानते हैं बुद्ध पूर्णिमा पर बनने वाले ग्रह संयोंगों के बारे में.....


बुद्ध पूर्णिमा पर पहले भी बना था ग्रहों का दुर्लभ योग (Buddha Purnima Per Phale Bhi Bana Tha Durlabh Yog)

इस समय मंगल और राहू मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं उनके ठीक सामने धनु राशि में शनि और केतु की युति है। ज्योतिष आचार्यां की माने तो इससे पहले यह दुर्लभ योग 502 साल पहले 16 मई 1517 में बना था। उस समय भी ग्रहों ऐसा ही संयोग बना था। इसके बाद एक बार फिर यह संयोग 205 वर्ष बाद 2 जून 2224 को बनेगा।जब बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।


बुद्ध पूर्णिमा पर सूर्य और गुरु का समसप्तक योग (Buddha Purnima Per Surya or Guru Ka SamSaptak Yog)

वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। इस बार पूर्णिमा तिथि पर दो ग्रहों का समसप्तक योग बन रहा है। देवताओं के गुरु बृहस्पति को सभी शुभ कार्यों का कारक माना जाता है और सूर्य को ग्रहों का राजा। ग्रह स्थिति की बात करें तो देवताओं के गुरु इस समय वृश्चिक राशि में वक्री स्थिति में भ्रमण कर रहें हैं तो वहीं ग्रहों के राजा सूर्य 15 मई 2019 को राशि परिवर्तन कर चुके हैं।


बुद्ध पूर्णिमा पर ग्रहों की चाल का मानव जीवन पर असर (Buddha Purnima or Graho ka Manav Jiven per Asar)

बुद्ध पूर्णिमा पर बनने वाले इस ग्रह संयोगों का मानव जीवन पर भी गहरा असर पड़ेगा। ग्रहों की इस चाल से एक बार फिर मंहगाई में बढ़ोतरी हो सकती है। इस समय गुरु और सूर्य की स्थिति कई जगहों पर भूकंप के योग भी बना रहे हैं। इसके अलावा विश्व के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदांए भी आ सकती है। जिससे मानव जीवन अस्त व्यस्त हो सकता है। ग्रहों का यह संयोग विशेष सावधानी की और इशारा करता है।


बुद्ध पूर्णिमा पर स्नान का महत्व (Buddha Purnima Per Snan ka Mahatva)

किसी भी पूर्णिमा पर किया गया गंगा स्नान मनुष्य के जीवन के सभी पापों को धो देता है। लेकिन बुद्ध पूर्णिमा को पूर्णिमाओं में विशेष स्थान दिया गया है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन किया गया स्नान न केवल मनुष्य के पापों को धोता है बल्कि उसे कई जन्मों तक पाप मुक्त कर देता है। इस दिन स्नान करने से मनुष्य आरोग्य रहता है साथ ही उसके जीवन में सुख और समृद्धि भी बनी रहती है।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले उठें । उसके बाद गंगा जी में स्नान करें। यदि गंगा जी में स्नान न कर पाए तो अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल डाल लें। पूरे दिन का उपवास करें और रात के समय फूल, धूप, दीप, अन्न, गुड़ आदि से चंद्रमा की पूजा कर उन्हें जल चढ़ाना चाहिए। पूजा के बाद किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर उसे श्रद्धा अनुसार दान दें।


बुद्ध पूर्णिमा दान का महत्व (Buddha Purnima Per Daan ka Mahatva)

पूर्णिमा पर दिया गया दान विशेष रूप से फलदायी होता है। लेकिन बुद्ध पूर्णिमा को दान के लिए विशेष महत्व दिया गया है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन दिए गए दान से न केवल धन में वृद्धि होती है।बल्कि घर में सुख और समृद्धि का भी वास होता है। इतना ही नहीं बुद्ध पूर्णिमा के दिन दिए गए दान से मनुष्य को कई जन्मों तक शुभ फलों की प्राप्ति होती रहती है।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन प्रत्येक मनुष्य को अपनी श्रद्धा के अनुसार किसी निर्धन व्यक्ति या ब्राह्मण को दान अवश्य देना चाहिए। बुद्ध पूर्णिमा पर दिया गया दान जन्मों के पाप को काट देता है। इस दिन दिए गए दान से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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