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आषाढ़ मास पंचांग: कालाष्टमी, योगिनी एकादशी, अमावस्या, सूर्य ग्रहण, गुप्त नवरात्रि, गणेश चतुर्थी, देवशयनी एकादशी, गुरु पूर्णिमा और जानें कब है चंद्र ग्रहण

आषाढ़ मास (Ashad Month) मंगलवार 18 जून से प्रारंभ हो रहा है। आज ज्येष्ठ मास (Jeystha Month) का आखिरी दिन है और कल से हिन्दू कैलेंडर (Hindu Calendar) का नया मास आषाढ़ शुरू हो रहा है जो 16 जुलाई (16 July) तक रहेगा। इसके बाद 17 जुलाई (17 July) से भगवान शिव (Lord Shiva) सबसे प्रिये महीना सावन माह (Savan Month) शुरू हो जाएगा।

आषाढ़ मास पंचांग: कालाष्टमी, योगिनी एकादशी, अमावस्या, सूर्य ग्रहण, गुप्त नवरात्रि, गणेश चतुर्थी, देवशयनी एकादशी, गुरु पूर्णिमा और जानें कब है चंद्र ग्रहण

आषाढ़ मास (Ashad Month) मंगलवार 18 जून से प्रारंभ हो रहा है। आज ज्येष्ठ मास (Jeystha Month) का आखिरी दिन है और कल से हिन्दू कैलेंडर (Hindu Calendar) का नया मास आषाढ़ शुरू हो रहा है जो 16 जुलाई (16 July) तक रहेगा। इसके बाद 17 जुलाई (17 July) से भगवान शिव (Lord Shiva) सबसे प्रिये महीना सावन माह (Savan Month) शुरू हो जाएगा। हिन्दू पंचांग (Hindu Panchan) के अनुसार आषाढ़ हिंदू वर्ष के चौथे महीने के नाम से जाना जाता है। आषाढ़ में ही वर्षा ऋतु का आगमन भी होता है। आषाढ़ माह में आने वाली पूर्णमासी (Puranmasi 2019) जिसे गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2019) कहते हैं अगर इस दिन उत्ताराषाढ़ा नक्षत्र हो तो यह विशेषसंयोग कहलाता और फिर गुरु पूर्णिमा बहुत ही पुण्यदायी बन जाती है। इस महासंयोग में दस विश्वदेवों की आराधना की जाती है और शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली जाती है। ऐसे ही कई पुण्य प्राप्त करने के लिए आषाढ़ मास में व्रत, त्योहार और पर्व आते हैं। अगर आपको नहीं पता तो हम आपको बट्टे हैं आषाढ़ मास में कौन से व्रत एवं त्योहार किस दिन और किस तारीख को पड़ रहे हैं...

आषाढ़ मास की विशेष तिथियां

17 जून - मंगलवार आषाढ़ प्रारम्भ *उत्तर

20 जून - बृहस्पतिवार संकष्टी चतुर्थी

21 जून - शुक्रवार साल का सबसे बड़ा दिन

25 जून - मंगलवार कालाष्टमी

29 जून - शनिवार योगिनी एकादशी

30 जून - रविवार प्रदोष व्रत


1 जुलाई - सोमवार मासिक शिवरात्रि, रोहिणी व्रत

2 जुलाई - मंगलवार आषाढ़ अमावस्या, दर्श अमावस्या, सूर्य ग्रहण (इसी तिथि पर सूर्य ग्रहण भी होगा, लेकिन ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। सूर्य ग्रहण अमेरिका और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा।)

3 जुलाई - बुधवार गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ

4 जुलाई - बृहस्पतिवार चन्द्र दर्शन, जगन्नाथ रथयात्रा

6 जुलाई - शनिवार विनायक चतुर्थी

7 जुलाई - रविवार स्कन्द षष्ठी


8 जुलाई - सोमवार अष्टाह्निका विधान प्रारम्भ

9 जुलाई - मंगलवार मासिक दुर्गाष्टमी

12 जुलाई - शुक्रवार देवशयनी एकादशी, गौरी व्रत प्रारम्भ *गुजरात

13 जुलाई - शनिवार वासुदेव द्वादशी

14 जुलाई - रविवार प्रदोष व्रत, जयापार्वती व्रत प्रारम्भ

15 जुलाई - सोमवार चौमासी चौदस

16 जुलाई - मंगलवार कोकिला व्रत *गुजरात, व्यास पूजा, आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा, गौरी व्रत समाप्त *गुजरात, पूर्णिमा उपवास, चन्द्र ग्रहण (चंद्र ग्रहण रात 1.30 बजे के बाद शुरू होगा और मोक्ष 4.30 बजे। इसी तिथि पर आषाढ़ मास खत्म हो जाएगा।), अष्टाह्निका विधान पूर्ण, कर्क संक्रान्ति (कर्क का राशी परिवर्तन)

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