8 April 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 8 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो शाम 7 बजकर 02 बजे तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
तिथि और योग
आज के दिन षष्ठी तिथि शाम 7:02 बजे तक रहेगी। षष्ठी को सामान्यतः साहस, प्रयास और संघर्ष से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। वहीं, वरीयान योग शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में वरीयान योग को संतुलित और मध्यम फल देने वाला माना गया है, जिसमें धैर्य और सोच-समझकर किए गए कार्य अधिक सफल होते हैं।
नक्षत्र की स्थिति
8 अप्रैल को मूल नक्षत्र पूरे दिन और पूरी रात बना रहेगा, जो अगले दिन यानी गुरुवार सुबह 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। मूल नक्षत्र को गूढ़ और गहन प्रकृति का माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में गहराई और दीर्घकालिक प्रभाव देखने को मिलता है, लेकिन नए शुभ कार्य शुरू करने से पहले विचार करना जरूरी होता है।
भद्रा काल का प्रभाव
इस दिन भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा। भद्रा का समय शाम 7 बजकर 02 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब भद्रा पाताल लोक में होती है, तो उसका सीधा नकारात्मक प्रभाव पृथ्वी पर कम माना जाता है। फिर भी भद्रा के मुख काल में कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
भद्रा का स्थान चंद्रमा की राशि पर निर्भर करता है। 8 अप्रैल को चंद्रमा धनु राशि में स्थित है, इसलिए भद्रा पाताल लोक में मानी गई है। यह स्थिति अपेक्षाकृत कम हानिकारक मानी जाती है, खासकर जब यह बुधवार जैसे दिन पड़े।
राहुकाल (अशुभ समय)
- दिल्ली: दोपहर 12:23 से 1:58 तक
- मुंबई: दोपहर 12:41 से 2:14 तक
- चंडीगढ़: दोपहर 12:25 से 2:00 तक
- लखनऊ: दोपहर 12:09 से 1:43 तक
- भोपाल: दोपहर 12:22 से 1:56 तक
- कोलकाता: सुबह 11:39 से दोपहर 1:13 तक
- अहमदाबाद: दोपहर 12:41 से 2:15 तक
- चेन्नई: दोपहर 12:11 से 1:43 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त
इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 01 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 42 मिनट पर होगा। दिन की अवधि लगभग 12 घंटे 41 मिनट की रहेगी, जो इस मौसम के अनुसार संतुलित मानी जाती है।
क्या करें और क्या न करें
- वरीयान योग के दौरान योजनाबद्ध कार्य करना लाभकारी रहेगा।
- मूल नक्षत्र में शोध, अध्ययन और आत्मविश्लेषण से जुड़े कार्य करना अच्छा रहेगा।
- भद्रा के समय, विशेषकर उसके मुख काल में, विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यापार शुरू करने से बचें।
- राहुकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत न करें।
8 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से संतुलित लेकिन सावधानी बरतने वाला है। जहां एक ओर वरीयान योग सोच-समझकर आगे बढ़ने की सलाह देता है, वहीं मूल नक्षत्र गहराई और धैर्य का संकेत देता है। भद्रा का पाताल लोक में होना राहत की बात है, फिर भी शुभ कार्यों में समय का ध्यान रखना आवश्यक है। दिन का सही उपयोग करने के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें और महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।