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karwa chauth 2020: करवा चौथ के दिन कैसे बिछुआ पहनें, आइए जानें

karwa chauth 2020: करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के प्रेम का प्रतीक है। करवा चौथ के दिन महिलाए अपने पति की आयु वृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। एक विवाहित महिला के लिए सुहाग से जुड़ी निशानियां जैसे चुड़ियां, मंगलसूत्र, पायल, सिन्दूर और पैरों का बिछुआ बहुत महत्व रखता है। लेकिन खासकर करवा चौथ के दिन किस धातु का बना हुआ बिछुआ पहनना चाहिए।

karwa chauth 2020: करवा चौथ के दिन कैसे बिछुआ पहनें, आइए जानें
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karwa chauth 2020: करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के प्रेम का प्रतीक है। करवा चौथ के दिन महिलाए अपने पति की आयु वृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। एक विवाहित महिला के लिए सुहाग से जुड़ी निशानियां जैसे चुड़ियां, मंगलसूत्र, पायल, सिन्दूर और पैरों का बिछुआ बहुत महत्व रखता है। लेकिन खासकर करवा चौथ के दिन किस धातु का बना हुआ बिछुआ पहनना चाहिए। और किसी धातु का बिछुआ महिलाओं को नहीं पहनना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार पैरों में शास्त्रानुकर बिछुआ नहीं पहनने से करवा चौथ का व्रत भंग हो जाता है। और ऐसा बिछुआ पहनने वाली स्त्री को पाप भी लगता है। करवा चौथ का व्रत हिन्दू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए बहुत ही खास होता है। करवा चौथ के व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। करवा चौथ के दिन महिलाएं ना तो भोजन ही ग्रहण करती हैं और ना ही पानी पीती हैं। क्योंकि करवा चौथ का व्रत निर्जला व्रत है। ऐसे में खासतौर पर महिलाओं को किस तरह के बिछुआ पहनने चाहिए। आइए जानते हैं।

पुराणों के अनुसार और ज्योतिष शास्त्र में भी बताया गया है कि धार्मिक कार्य और शादी के समय यानि फेरे लेने के समय पैरों में कांसे के बिछुआ को धारण करना अत्यंत शुभकारी माना जाता है। ऐसे में नवरात्रि के दिनों में भी महिलाओं को कांसे के बिछुआ धारण करना चाहिए। और वहीं खासतौर पर करवा चौथ के दिन कांसे का बिछुआ ही पहनना चाहिए। तथा करवा चौथ के दिन तो किसी अन्य धातु से बना बिछुआ पहनना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने पर महिलाओं को पाप लगता है, तथा करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाओं को कांसे का बिछुआ ही दान करना चाहिए। लेकिन कई महिलाएं जाने-अनजाने में करवा चौथ के दिन चांदी का बिछुआ पहन लेती हैं। जोकि शास्त्रों के अनुसार पूरी तरह से गलत है।

हमेशा महिलाओं को करवा चौथ और नवरात्रि व्रत तथा सभी व्रत और पर्वों के दिन अपने पैरों में कांसे के बिछुआ ही पहनने चाहिए। धार्मिक कार्यों-अनुष्ठानों में शामिल होने के लिए महिलाओं को कांसे का बना बिछुआ ही धारण करना चाहिए। कांसे का बिछुआ बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना जाता है। लेकिन कांसा धातु छोड़कर कई महिलाएं फैशन के कारण चांदी का बिछुआ धारण करती हैं। लेकिन चांदी का बिछुआ केवल आम दिनों में ही पहना जा सकता है। करवा चौथ व्रत या अन्य व्रत और त्योहारों के दिन चांदी से बना बिछुआ नहीं पहनना चाहिए। इन दिनों में केवल कांसे का बना हुआ बिछुआ ही पहनना चाहिए।

किसी भी विवाहित महिला को अपना धारण किया हुआ बिछुआ किसी अन्य महिला को कभी नहीं देना चाहिए। अगर आप कभी अपने बिछुआ बदलती हैं तो आपको बिछुआ अपने पैरों से सटाकर बदलना चाहिए। बिछुआ का टूट जाना भी बहुत ही अशुभ होता है। खासतौर पर करवा चौथ के दिन लाल रंग का वस्त्र पहनना चाहिए। करवा चौथ पर लाल, हरा, गुलाबी और महरूम आदि रंग के वस्त्र बहुत शुभकारी माने जाते हैं। करवा चौथ का व्रत शक्तिस्वरूपा माता पार्वती को समर्पित है।

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