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Vastu Shastra : रसोईघर में करें इन नियमों का पालन, मां अन्नपूर्णा होंगी प्रसन्न

  • रसोईघर (kitchen) में मां अन्नपूर्णा ( Maa Annapurna ) का वास होता है।
  • मां अन्नपूर्णा की कृपा से घर में ना कभी भोजन की कमी होती है।

Vastu Shastra : रसोईघर में करें इन नियमों का पालन, मां अन्नपूर्णा होंगी प्रसन्न
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Vastu Shastra : रसोईघर में करें इन नियमों का पालन, मां अन्नपूर्णा होंगी प्रसन्न

Vastu Shastra : रसोईघर (kitchen) में मां अन्नपूर्णा ( Maa Annapurna ) का वास होता है। मां अन्नपूर्णा की कृपा से घर में ना कभी भोजन की कमी होती है और ना ही परिवार के सदस्‍यों में मतभेद होता है। वहीं मां अन्नपूर्णा को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास उपाय करने से मां अन्‍नपूर्णा का आपको हमेशा आशीर्वाद मिलता रहता है और मां की कृपा आपके घर और घर के सदस्यों पर हमेशा बनी रहती है तथा घर में कभी खाने-पीने की वस्तुओं की कोई कमी नहीं रहती है। तो आइए जानते हैं मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद पाने और उन्हें प्रसन्न करने के उपायों के बारे में...

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  • रसोईघर में चूल्हे को सदैव आग्नेय कोण में ही रखना चाहिए।
  • भोजन को बनाते समय भोजन बनाने वाले व्यक्ति का मुख पूरब दिशा की और होना चाहिए । अगर यह सम्भव नहीं हो तो वायव्य कोण यानी उतर-पश्चिम में मुख रखें।
  • आज की परिस्थिति में, जब कि लोगों को बिल्डर द्वारा बनाया घर, अपार्टमेंट आदि खरीद कर रहना पड़ता है, सब जगह यह सम्भव नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में रसोईघर के आग्नेयकोण में एक लाल बिजली का बल्ब जलाना चाहिए।
  • वहीं रसोईघर में भोजन बनाने से पूर्व अग्निदेव से प्रार्थना करनी चाहिए कि हे अग्निदेव ! हे विष्णु भगवान् ! मैं मजबूरी में सही स्थान पर भोजन नहीं बना पा रहा हूं, कृपाकर आप मुझे क्षमा करें।
  • रसोईघर में पानी को आग्नेय कोण में न रखें और चूल्हे से उसको यथासम्भव दूर ही रखें। जो व्यक्ति भोजन बनाता है उसके ठीक पीछे दरवाजा न हो। अगर ऐसा है तो उस व्यक्ति को थोड़ा इधर- उधर हो जाना चाहिए।
  • अगर संभव हो तो रसोईघर में पूजा का स्थान नहीं बनाना चाहिए।
  • अगर सम्भव हो तो रसोईघर में ही भोजन करना चाहिए। अगर ऐसा न हो सके तो ऐसी जगह बैठकर भोजन करना चाहिए जहां से चूल्हे की आग दिखती हो।
  • अगर संभव हो तो रसोईघर में पूर्व की ओर खिड़की या रौशनदान बनवावें। भोजन बनाने के बाद उसे भगवान् का भोग समझ कर उन्हें अर्पित कर दें और फिर प्रसाद मानकर स्वयं भोजन करना चाहिए।

(Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi।com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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